फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इलेक्ट्रिक कारों के लिए बन रहे हैं खास इलेक्ट्रिक हाईवे, कनेक्ट होंगे देश के ये शहर

Fri, 05 Jul 2019 01:13 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
2019 hyundai kona electric SUV Charging
विज्ञापन

सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाएं लेकर आ रही है। शुक्रवार को संसद में बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने एलान किया कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ाने के लिए सरकार पूरे देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी। साथ ही, इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर छूट देने का प्रावधान रखा है। इसके अलावा सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए देश का पहला हाईवे कॉरिडोर भी तैयार करेगी।

विज्ञापन

 

मार्च 2020 तक चालू

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के पहले दो हाईवे कॉरिडोर अगले साल मार्च 2020 तक चालू हो जाएगा। जिसके बाद इन कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक वाहन सरपट दौड़ लगाएंगे। इन कॉरिडोर्स में बैटरी चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। साथ ही, उम्मीद जताई जा रही है कि यह कॉरिडोर दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा हाईवे पर बनेगा।
 

बनेंगे 18 चार्जिंग स्टेशंस

दिल्ली-आगरा के बीच में बनने वाला यह हाईवे कॉरिडोर यमुना एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-जयपुर के बीच बनने वाला यह कॉरिडोर एनएच-48 पर बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर 500 किमी का होगा और इस पर प्रत्येक में 18 चार्जिंग स्टेशंस होंगे, जिन्हें टोल प्लाजा के नजदीक बनाया जाएगा।
 

500 किमी की लंबाई

इन ई-कॉरिडोर्स को एक निजी संस्था एडवांस सर्विसेज फॉर सोशल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के तहत इज ऑफ डुइंग बिजनेस (EODB)  के तहत बनाया जाना प्रस्तावित है। जिसके तहत 500 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा दी जाएगी। इस पर इस साल सितंबर से काम शुरू होगा और मार्च 2020 तक खत्म हो जाएगा।
 

बैटरियां बदलने की सुविधा

इन पर बन रहे चार्जिंग स्टेसंस में 8 स्टेशंस दिल्ली-आगरा रूट और 10 चार्जिंग स्टेशन दिल्ली-जयपुर रूट पर बनेंगे। साथ ही, लोग बैटरियां चार्ज करने के अलावा बैटरियां बदल भी सकेंगे। टोल प्लाजा के नजदीक इन्हें बनाया जायेगा और हर स्टेशन पर 10 चार्जर और 20 चार्जिंग प्वाइंट्स होंगे।
 

1.25 घंटे में बैट्री चार्ज

नेशनल हाईवे प्रोग्राम डायरेक्टर अभिजीत सिन्हा के मुताबिक फुल चार्ज करने पर एसयूवी जैसे वाहन 180 किमी तक की दूरी तय कर सकेंगे और डीसी चार्जर से फुल चार्जिंग में 1.25 घंटे का वक्त लगेगा। इसके अलावा 6 अतिरिक्त चार्जिंग स्टेशन घनी आबादी वाले ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के बीच परी चौक पर लगाए जाएंगे। इसके लिये नोएडा अथॉरिटी से जमीन मांगी गई है। एक चार्जिंग स्टटेशन बनाने की लागत तकरीबन 2 करोड़ रुपये आएगी, जिसमें बिजली खर्च अतिरिक्त होगा। वहीं चार लेन वाले हाईवे की प्रति किमी लागत 14 से 20 करोड़ आती है।
 

बिजली खर्च को कम करने की कोशिश

सिन्हा का कहना है कि चार्जिंग स्टेशंस पर बिजली के खर्च को कम करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। ज्यादातर राज्यों में 6 रुपये से 8 रुपये प्रति यूनिट का रेट है और पूरे देश एक समान रेट उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि शुरुआती चरणों में राज्य परिवहन और बड़े टैक्सी ऑपरेटर्स को इस योजना में शामिल किया जाएगा।
 
विज्ञापन

2030 तक तकरीबन 30 प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक

इससे पहले केंद्र सरकार ने चार्जिंग स्टेशंस के लिये गाइड लाइन जारी करते हुए कहा था कि प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन के बीच की दूरी 25 किमी होनी चाहिये। वहीं 2030 तक पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री बंद करके केवल इलेक्ट्रिक वाहन बेचे जाने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि 2030 तक तकरीबन 30 प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक होंगे।       
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें