सरकार ने ऐसी 15 सर्विसेज चुनी हैं, जहां पर कॉन्टैक्टलेस तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के अन्य दस्तावेजों को ऑनलाइन रिन्यू कर सकते हैं। इसके लिए लोगों को ट्रांसपोर्ट विभाग के दफ्तर में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक ड्राफ्ट जारी करके लोगों से इस पर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।
सरकार की तरफ से जारी ड्राफ्ट के मुताबिक लर्नर्स लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस का रिनुअल, ड्राइविंग लाइसेंस के पते में बदलाव, वाहनों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस के अलावा वाहन का ट्रांसफर नोटिस के साथ ओनरशिप ट्रांसफर करने का आवेदन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
सरकार ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में लिखा है कि इन ऑनलाइन सेवाओं को कॉन्टैक्टलेस तरीके से हासिल करने के लिए अपने आधार का वैरिफिकेशन कराना होगा। बिना आधार के ऑनलाइन सेवाओं को हासिल नहीं किया जा सकता है। वहीं इसमें यह भी विकल्प होगा कि जो लोग आधार ऑथेंटिकेशन नहीं काराना चाहते हैं, वे आरटीओ जाकर हासिल कर इस सेवाओं को हासिल कर सकते हैं।
इसके लिए लोग परिवहन मंत्रालय के पोर्टल पर जा कर आधार को वेरिफाई करवा कर ऑनलाइन सेवा का लाभ ले सकते हैं। सरकार ने अपने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में लिखा है, अगर आपके पास आधार नहीं है, लेकिन आपने रजिस्ट्रेशन करवा दिया है, तो रजिस्ट्रेशन की आईडी स्लिप का भी प्रयोग मान्य होगा।
इससे पहले सरकार ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी करके नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की चाह रखने वालों के लिए ड्राइविंग टेस्ट से छुटकारा देने की पहल भी की है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जारी ड्राफ्ट में लिखा है कि अगर आवेदनकर्ता ने किसी मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर से ड्राइविंग सीखी है तो उसे ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए टेस्ट देने की जरूरत नहीं है। उसे ड्राइविंग लाइसेंस के लिए योग्य माना जाएगा। सरकार ने फिलहाल इस संदर्भ में अभी सुझाव मांगे हैं। सरकार चाहती है कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना चाहती है और अगर प्रशिक्षित ड्राइवर वाहन चलाएंगे तो हादसों में खासी कमी लाई जा सकती है।