देश की राजधानी नई दिल्ली सितंबर में आगामी जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाले दिनों में 18 देशों से सैकड़ों विदेशी प्रतिनिधि शहर पहुंचेंगे। जहां तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं एक अनोखा मुद्दा है जिसे लेकर दिल्ली पुलिस सतर्क है। प्रतिनिधियों को लाने-ले जाने के लिए लगभग 100 लेफ्ट-हैंड ड्राइव (बायीं ओर से चलने वाली) कारें, जिनमें से जर्मनी से लगभग 50 बुलेट-प्रूफ ऑडी कारें हैं, राष्ट्रीय राजधानी में आने वाली हैं। इसने दिल्ली पुलिस को ऐसे देश में परिचालन संबंधी चिंताओं में डाल दिया है, जहां लेफ्ट-हैंड ड्राइव कार चलाना अवैध है।
क्या भारत में लेफ्ट-हैंड ड्राइव (एलएचडी) (LHD) कार आयात करने या चलाने की इजाजत है? यदि कोई उन सड़कों पर एलएचडी वाहन में यात्रा करने का विकल्प चुनता है जहां ज्यादातर अन्य वाहन राइट-हैंड ड्राइव (RHD) (दाएं हाथ से) चलते हैं तो यातायात सुरक्षा संबंधी चिंताएं क्या हैं? मोटर वाहन अधिनियम एलएचडी वाहनों की खरीद और इस्तेमाल पर क्या कहता है? यहां हम आपके इन सभी सवालों के जवाब दे रहे हैं।
क्या भारत में लेफ्ट-हैंड ड्राइव कारें अवैध हैं?
मोटर वाहन अधिनियम में साफ तौर पर कहा गया है कि देश में कोई भी व्यक्ति बाएं हाथ से चलने वाला वाहन खरीद, पंजीकरण या चला नहीं सकता है। मोटर वाहन अधिनियम 1939 की धारा 180 कहती है, "कोई भी व्यक्ति बाएं हाथ के स्टीयरिंग नियंत्रण वाले किसी भी मोटर वाहन को किसी भी सार्वजनिक स्थान पर नहीं चलाएगा या चलाने की अनुमति नहीं देगा, जब तक कि यहनिर्धारित प्रकृति और कार्य क्रम में एक मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल सिग्नलिंग डिवाइस से लैस न हो।"
भारत में लेफ्ट-हैंड ड्राइव कारों की अनुमति क्यों नहीं है?
दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है जो एक ही समय में एलएचडी और आरएचडी दोनों कारों की अनुमति देता हो। भारत कोई अपवाद नहीं है. इसके पीछे सड़क सुरक्षा प्रमुख कारण है। ऐसे देश में जहां सभी वाहन दाएं हाथ से चलाए जाते हैं, बाएं हाथ से चलने वाला वाहन न सिर्फ चालक के लिए दृश्यता संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।
क्या भारत में लेफ्ट-हैंड ड्राइव कार चलाने के नियम का कोई अपवाद है?
केंद्र सरकार भारत में राइट-हैंड ड्राइव नियम में बहुत कम अपवाद करती है और ज्यादातर मामलों के हिसाब से तय होते हैं। उदाहरण के लिए, भारत में स्थित कार निर्माता अनुसंधान एवं विकास उद्देश्यों के लिए कुछ एलएचडी यूनिट्स को आयात करने के लिए सरकार से मंजूरी ले सकते हैं। इसी तरह, यदि विदेशी राजनयिक या गणमान्य व्यक्ति भारत का दौरा कर रहे हैं, तो वे अपनी पसंद के वाहनों में ड्राइव करना चुन सकते हैं। सबसे हालिया उदाहरण पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत दौरा था जहां उन्होंने अपनी प्रतिष्ठित Beast (बीस्ट) कार में यात्रा की, जो लेफ्ट-हैंड ड्राइव कार है।
क्या भारत में बाएं हाथ से चलने वाली कारें नहीं हैं?
दाएं हाथ से चलने वाली कार नियम का पालन करने के बावजूद, भारत में वास्तव में कुछ बाएं हाथ से चलने वाली कारें भी हैं। इनमें से ज्यादातर कारें पुरानी विंटेज हैं और खास मौकों पर प्रदर्शित करने के लिए संरक्षित की गई हैं। इनमें से कुछ कारें अतीत में शाही परिवारों के स्वामित्व में थीं और अब उनके परिवारों द्वारा संरक्षित हैं।
भारत ने राइट-हैंड ड्राइव कारों को क्यों चुना?
भारत में हमेशा से दाएं हाथ से वाहन चलाने की आदत रही है। इसका कारण 1947 तक देश पर शासन करने वाले अंग्रेजों का औपनिवेशिक प्रभाव था। यूनाइटेड किंगडम, भारत की तरह, दाएं हाथ से चलने वाली कारों का इस्तेमाल आदर्श तौर पर करता है। इससे जाहिर होता है कि ये ब्रिटिश काल की कुछ विंटेज कारें हैं। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे कुछ अन्य देश, जिन पर ब्रिटिशों का कब्जा था, भी राइट-हैंड ड्राइव के नियम का पालन करते हैं।