भारत में केंद्रीय आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एआई सुरक्षा शिखर सम्मेलन के लिए यूनाइटेड किंगडम की अपनी यात्रा के दौरान Tesla (टेस्ला) और SpaceX (स्पेसएक्स) के सीईओ एलन मस्क से मुलाकात की। चंद्रशेखर ने अपने एक्स हैंडल के जरिए खुलासा किया कि मस्क ने उन्हें बताया था कि उनके बेटे शिवोन जिलिस का मिडिल नेम 'चंद्रशेखर' है। जो वह इंडो-अमेरिकन भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर एस चंद्रशेखर के साथ साझा करता है।
अब यह कोई नई बात नहीं है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहन प्लांट लगाने के संबंध में मस्क की बातचीत आगे बढ़ी है। खासकर इस साल की शुरुआत में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद उनकी दिलचस्पी बढ़ी है।
ऑस्टिन में मुख्यालय वाले ईवी निर्माता टेस्ला को अपने वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों, चीन की Great Wall Motors (ग्रेट वॉल मोटर्स) और BYD पर भी बढ़त हासिल है। क्योंकि भारत ने इन दोनों वाहन निर्माताओं को भारत में एंट्री से रोक दिया है। दोनों वाहन निर्माताओं को दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजार में एंट्री से वंचित कर दिया गया। क्योंकि दोनों देशों के बीच सीमा तनाव के बीच उनके 1 अरब डॉलर के निवेश प्रस्तावों को केंद्र ने खारिज कर दिया था।
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए टैक्स छूट और सब्सिडी सहित कई प्रोत्साहन दे रही है। यह भारत को टेस्ला जैसे इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन (गंतव्य) बनाता है। हाल ही में, एक इंटरव्यू में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हमारे जमीन पर ईवी निर्माता का स्वागत किया। हालांकि, टेस्ला देश में तभी रियायतों के लिए पात्र होगी, यदि वह स्थानीय स्तर पर निर्माण करने की योजना बना रही है। हालांकि, यदि विनिर्माण चीन में होता है और ईवी भारत में भेजे जाते हैं, तो कोई रियायत नहीं होगी।
अन्य घटनाक्रमों में, मस्क के नेतृत्व वाली ईवी निर्माता ने अगस्त 2023 में पुणे में एक ऑफिस स्पेस को पांच साल के लिए समझौते पर पट्टे पर लिया। यह देखना बाकी है कि ईवी निर्माता बढ़ते भारतीय इलेक्ट्रिक यात्री वाहन बाजार में कब एंट्री करता है।