Prof. Rattan Lal Hangloo (File Photo)
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के इस्तीफा देने के बाद चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे, रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला, वित्त अधिकारी डॉ. सुनील कांत मिश्र, पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार ने भी अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। कुलपति के पद छोड़ देने के बाद अपने पद से त्यागपत्र देते हुए चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने कहा कि प्रॉक्टर का पद कुलपति प्रसाद पर्यंत होता है, ऐसे में उनके पद छोड़ देने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष और प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने पद छोड़ने के बाद कहा कि अब वह प्रॉक्टर के दायित्व से मुक्त होने के बाद 2020 में मुक्त होकर शिक्षण कार्य करेंगे। प्रो. दुबे के कार्यकाल में पांच सौ से अधिक छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
पहले प्रॉक्टर और बाद में वित्त अधिकारी और रजिस्ट्रार का पद संभालने वाले प्रो. एनके शुक्ला ने भी कुलपति के हटने के बाद पद छोड़ दिया। वह प्रो. हांगलू के पूरे कार्यकाल के दौरान उनके करीबी बने रहे। इविवि महाविद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष रहे और सीएमपी डिग्री कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुनील कांत मिश्र भी कुलपति के करीबी रहे।
कॉलेजों में पीजी कक्षाएं और शिक्षकों के पद भरने के मामले में उन्होंने अपना सही तरीके से पक्ष रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार की भूमिका को लेकर महिला आयोग ने भी सवालिया निशान उठाया था। चित्तरंजन ने स्वीकार किया कि कुलपति के हटने के बाद वह बृहस्पतिवार को अपना पद छोड़ देंगे।