वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, सौंदर्य, विलासिता और ऐशोआराम का कारक ग्रह माना जाता है। शुक्र किसी एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करने के लिए 23 दिनों का समय लेते हैं। शुक्र को वृषभ और तुला राशि का स्वामी माना गया है। वहीं यह मीन राशि में उच्च के और कन्या राशि में नीच के होते हैं। कुंडली में शुक्र ग्रह के शुभ रहने पर व्यक्ति को सभी तरह की सुख-सुविधा, ऐशोआराम और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। 22 जून को शुक्र ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। आइए जानते हैं शुक्र ग्रह के राशि परिवर्तन से किन-किन राशियों को मिलेगा शुभ फल और ज्योतिष में शुक्र ग्रह का महत्व...
12 राशियों पर शुक्र के राशि परिवर्तन का प्रभाव
मेष- इस राशि के जातकों पर शुक्र ग्रह का शुभ प्रभाव पड़ेगा। धन लाभ के संकेत हैं।
वृषभ- मुनाफा मिल सकता है और वैवाहिक जीवन में समय अच्छा बीतेगा।
मिथुन- कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी और परिवार के सदस्यों के मेल-मिलाप बढ़ेगा।
कर्क- आपकी सोची समझी सभी रणनीतियां कारगर सिद्ध होंगी
सिंह- कीमती वस्तुओं में धन खर्च होगा। इस अवधि में आपको अपनी सेहत पर ध्यान देना होगा।
कन्या- आपको कई स्रोतों से धन प्राप्ति हो सकती है। व्यापार को शुरू करने के लिए समय अनुकूल रहेगा।
तुला - भौतिक सुखों में भी वृद्धि होगी।
वृश्चिक- कार्यों में सफलता मिलेगी और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
धनु - आकस्मिक धन प्राप्ति के योग है।
मकर- वैवाहिक जीवन के मामले में आपके लिए पिछला कुछ समय अच्छा नहीं था, लेकिन शुक्र ग्रह की शुभता से वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी। जीवनसाथी से मधुर संबंध स्थापित होंगे।
कुंभ- सेहत में गिरावट आ सकती है।
मीन- आपको अपने कार्यक्षेत्र में कुछ अच्छे समाचार सुनने को मिल सकते हैं।
- ज्योतिष में शुक्र ग्रह
- सभी ग्रहों में कुछ ग्रह शुभ तो कुछ अशुभ फल देने वाले होते हैं। ज्योतिष में शुक्र एक शुभ ग्रह है। वैदिक ज्योतिषशास्त्र में इसे शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, संपन्नता, कला शोहरत, भोग विलासिता, सौन्दर्य, काम वासना और ऐश्वर्य आदि का कारक माना जाता है।
- शुक्र वृषभ और तुला राशि के स्वामी है। कन्या राशि शुक्र ग्रह की नीच राशि और मीन उच्च राशि है।
- शुक्र ग्रह भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा जैसे नक्षत्रों के स्वामी ग्रह हैं।
- बुध और शनि शुक्र ग्रह के मित्र जबकि सूर्य और चंद्रमा शत्रु ग्रह माने जाते हैं।
- शुक्र ग्रह को एक राशि से दूसरी राशि में आने के लिए करीब 23 दिनों तक का समय लेते हैं।
- कुंडली में शुक्र ग्रह के मजबूत होने पर वैवाहिक जीवन में सुख बना रहता है और सभी तरह के ऐशोआराम और भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।
- कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होने पर वैवाहिक जीवन में कई तरह की परेशानियां आती हैं।
- शुक्र के अस्त होने पर सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य थम जाते हैं।
शुक्र ग्रह के उपाय
- रोजाना शुक्र मंत्र का जप करें। ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः इससे शुक्र ग्रह से अच्छे फल की प्राप्ति होती है।
- कुंडली में शुक्र की शुभता पाने के लिए शुक्र यंत्र को विधिविधान से पूजा करवाकर पूजन स्थल में रखने पर लाभ प्राप्त होता है। यंत्र का स्थापित करने के पश्चात् सफेद पुष्प अर्पित करते हुए उसकी नियमित रूप से पूजा भी करना चाहिए।
- शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं का दान करना और काली चीटिंयों को चीनी और सफेद गाय को आटा खिलाना अति शुभ होता है।
- शुक्र की शुभता प्रदान करने वाले रत्नों में हीरा,सफेद पुखराज आदि रत्न हैं। इसके अलावा स्फटिक की माला और चांदी का कड़ा धारण करने से भी शुक्र की शुभता प्राप्त होती है।