सूर्य देव का स्थान और दिशा पूर्व मानी गई है। यही कारण है कि घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में होना अत्यंत शुभ होता है। इसके अलावा, घर में सूर्य का प्रकाश अधिक से अधिक आना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और घर का वातावरण खुशहाल बना रहता है।
Surya Dev ko khush kerne ke Vastu Upay: वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव का स्थान और दिशा पूर्व मानी गई है। यही कारण है कि घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में होना अत्यंत शुभ होता है। इसके अलावा, घर में सूर्य का प्रकाश अधिक से अधिक आना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और घर का वातावरण खुशहाल बना रहता है। आइए जानते हैं सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए किन वास्तु उपायों के अपनाया जा सकता है।
विज्ञापन
सूर्य देव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करने के लाभ
घर में सूर्य देव की प्रतिमा या चित्र लगाना भी शुभ माना जाता है। इसे हमेशा पूर्व दिशा में स्थापित करना चाहिए। ध्यान रखें कि सूर्य देव की प्रतिमा या चित्र खंडित न हो, क्योंकि यह अशुभ माना जाता है। सूर्य देव की उपस्थिति घर में ऊर्जा और सौभाग्य का संचार करती है।
सूर्य देव के प्रतीकात्मक रंग
सूर्य देव से जुड़े रंग नारंगी और लाल माने जाते हैं। घर की दीवारों पर इन रंगों का इस्तेमाल करना वास्तु के अनुसार लाभकारी होता है। साथ ही, घर में लाल रंग के फूल या पौधे लगाने से सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का वास होता है।
सूर्य देव के मंत्र और उनके लाभ
सूर्य देव के मंत्रों का जाप करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। “ॐ घृणि सूर्याय नमः” सूर्य देव का एक प्रसिद्ध मंत्र है। इस मंत्र का नियमित जाप करने से व्यक्ति को तेज, यश और स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। सूर्य मंत्र का उच्चारण सुबह सूर्योदय के समय करना सबसे अधिक फलदायी होता है।
तांबे का सूर्य लगाने का महत्व
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में तांबे का सूर्य लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसे पूर्व दिशा में लगाना सबसे शुभ माना गया है, क्योंकि सूर्य का उदय पूर्व से होता है। तांबे का सूर्य घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाता है और सुख-समृद्धि लाता है।