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Pitru Paksha 2024: पितरों से पाना चाहते हैं आशीर्वाद तो जरूर अपनाएं ये वास्तु उपाय

Sun, 22 Sep 2024 10:20 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पितृ पक्ष हिंदू कैलेंडर के छठे महीने भाद्रपद महीने में आता है और इसे बहुत महत्वपूर्ण समय माना जाता है। पितृपक्ष की अवधि 16 दिनों की होती है। इस दौरान तिथि के आधार पर लोग अपने पूर्वजों की मानसिक शांति के लिए उनका श्राद्ध और तर्पण करते हैं।
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pitru paksha 2024 - फोटो : amar ujala
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Pitru Paksha 2024 Vastu Tips: पितृ पक्ष हिंदू कैलेंडर के छठे महीने भाद्रपद महीने में आता है और इसे बहुत महत्वपूर्ण समय माना जाता है। पितृपक्ष की अवधि 16 दिनों की होती है। इस दौरान तिथि के आधार पर लोग अपने पूर्वजों की मानसिक शांति के लिए उनका श्राद्ध और तर्पण करते हैं। ऐसा माना जाता है कि तर्पण करने से पितरों को भोजन और जल प्राप्त होता है, जिससे उन्हें खुशी मिलती है और उनके परिवार पर आशीर्वाद बना रहता है। वास्तु शास्त्र में पितृपक्ष के बारे में काफी उल्लेख मिलता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर आप अपने पितरों का आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो आपको पितृ पक्ष के दौरान कुछ वास्तु उपाय अपनाने होंगे। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में। 

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pitru paksha 2024 - फोटो : istock
इस दिशा में  करें तर्पण
पितृ पक्ष के दौरान अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध या तर्पण करते समय दिशा का ध्यान रखें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिणी दिशा यमराज की है, जो दिवंगत लोगों की आत्माओं के संरक्षक भी हैं। इसलिए इस दिशा में तर्पण और श्राद्ध करना चाहिए लेकिन ध्यान रखें कि इस दौरान दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके न सोएं।

pitru paksha 2024 - फोटो : संवाद
गाय, कौए और कुत्ते को भोजन दें
पितृ पक्ष के दौरान कुछ लोग कौवों को खाना खिलाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कौओं को पितरों का दूत माना जाता है और अगर आप उन्हें भोजन कराएंगे तो पितर संतुष्ट और खुश रहेंगे। इसके अलावा इन दिनों आप गाय और कुत्तों को भी खाना खिला सकते हैं। यह अपने साथ पितरों का आशीर्वाद भी लेकर आता है।
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pitru paksha 2024 - फोटो : istock
पौधे लगाने की दिशा 
वास्तु शास्त्र के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान पवित्र पौधे लगाने चाहिए। इसमें पीपल या तुलसी भी शामिल हो सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि पीपल को केवल दक्षिण-पश्चिम दिशा में ही लगाना चाहिए। यदि आप इन पौधों को एक ही समय में मंदिरों और आसपास रोपते हैं, तो आपके पूर्वज तुरंत प्रसन्न होंगे और आपके परिवार पर हमेशा आशीर्वाद बनाए रखेंगे। यदि आप तुलसी का पौधा लगाना चाहते हैं तो इसे ईशान कोण या उत्तर-पूर्व में लगाएं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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