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वास्तु उपाय: भाग जाएगी मन से नकारात्मकता, सेहत रहेगी ठीक बस अपनाएं वास्तु की ये चार बातें

Tue, 29 Jun 2021 07:42 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन, वास्तुविद

सार

  • नियमित रूप से घर की सफाई करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है,जिससे सुख-सौभाग्य आता है।
  • पौधों को लगाने से न सिर्फ घर का वास्तुदोष दूर होता है बल्कि ये पौधे वायु को शुद्ध कर ऑक्सीजन की मात्रा को भी बढ़ाते हैं, जिससे परिवार के सदस्यों की सेहत अच्छी रहेगी।
  • वास्तुविज्ञान में पूर्व दिशा को अत्याधिक महत्व दिया जाता है,क्योंकि सूर्य से मिलने वाली सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य द्वार पूर्व दिशा ही है।
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सूर्य की उपासना के बिना किसी का कल्याण संभव नहीं है, भले ही अमरत्व प्राप्त करने वाले देवता ही क्यों न हों।
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विस्तार
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कोरोना महामारी के कारण पूरा देश तरह-तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन इस बुरे दौर ने हमें यह तो जरूर सिखा दिया कि हमको न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए जीवन में तैयार रहना चाहिए। हर व्यक्ति चाहता है कि घर की नकारात्मकता समाप्त होकर उसके घर में सुख-समृद्धि का आगमन हो। यदि आप भी चाहते हैं कि आपके घर-परिवार में खुशियां और समृद्धि आए, तो वास्तु में कुछ ऐसे नियम बताए गए हैं जिन्हें अपनाने से घर में सुख-सौभाग्य आता है। आपकी दिनचर्या व आदतों में थोड़ा-सा व आसान परिवर्तन आपको स्वस्थ व दीर्घायु बना सकता है।

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उगते हुए सूर्य को करें प्रणाम

सूर्योपनिषद के अनुसार सूर्य की किरणों में समस्त देव, गंधर्व और ऋषिगण निवास करते हैं। सूर्य की उपासना के बिना किसी का कल्याण संभव नहीं है, भले ही अमरत्व प्राप्त करने वाले देवता ही क्यों न हों। सूरज नारायण को प्रातः अर्घ्य देकर नमस्कार करने से आयु, आरोग्य, धन-धान्य, उत्तम संतान, मित्र, तेज, कांति, विद्या, वैभव और सौभाग्य आदि प्राप्त होता है। घर का वास्तुदोष दूर होता है। पूर्व दिशा का स्वामी सूर्य ग्रह होते हैं और ये धन-संपत्ति, ऐश्वर्य, आरोग्य और कीर्ति प्रदान करने वाला ग्रह है। सुबह के समय सूर्य से मिलने वाली किरणें अनंत गुणधर्म वाली ऊर्जा से युक्त होती हैं यही कारण है कि वास्तुविज्ञान में पूर्व दिशा को अत्याधिक महत्व दिया जाता है,क्योंकि सूर्य से मिलने वाली सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य द्वार पूर्व दिशा ही है।

सूर्य की किरणें अनेकों प्रकार के हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट करती हैं। सुबह की धूप सेहत के लिए सर्वोत्तम होती है। जब यह किरणें हमारे शरीर पर पड़ती हैं तो हमें अनेक बीमरियों से बचाए रखने वाले जरूरी विटामिन 'डी' का निर्माण करती हैं। इसी कारण वास्तुशास्त्र में पूर्व और उत्तर की ओर अधिक खुला स्थान एवं दरवाज़े, खिड़कियाँ रखने की सलाह दी जाती है ताकि प्रातःकालीन सूर्य की किरणें घर व आँगन में अधिक से अधिक मात्रा में प्रवेश कर सकें और रोग फ़ैलाने वाले हानिकारक कीटाणु घर में नहीं पनप सकें। अनेक शोधों से स्पष्ट हुआ है कि प्रातःकालीन उगते सूर्य को जल अर्घ्य  देने से व सूर्य को जल की धार में से देखने पर नेत्रों की ज्योति बढ़ती है।

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नियम से करें साफ़-सफाई

कई बार घर की ठीक ढंग से सफाई न हो पाने के कारण कई जगह धूल-मिट्टी और जाले लग जाते हैं, जिससे हानिकारक कीटाणु पनपते हैं। समय-समय पर दीवारों को साफ़ करते रहना चाहिए अन्यथा धूल-मिट्टी भरी हुई गंदी दीवारें नकारात्मक ऊर्जा फैलाती हैं। ध्यान रहे कोनों में मकड़ी के जाले नहीं लगें,ये तनावपूर्ण और निराशाजनक माहौल को जन्म देते हैं।दीवारों पर पीक थूकना या किसी भी तरह से दाग-धब्बे लगाना दरिद्रता के सूचक हैं,ऐसा बिलकुल न करें।

इसी प्रकार जूते-चप्पल इधर-उधर पड़े होने से घर में कलह बढ़ता है और आपसी संबंध खराब होते हैं। घर में कहीं टूटे-फूटे खिलौने या अन्य कोई बेकार का सामान है, तो उन्हें तुरंत हटा दें, क्योंकि इनसे उत्पन्न नकारात्मक ऊर्जा बीमारी का कारण होती है। नियमित रूप से घर की सफाई करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है,जिससे सुख-सौभाग्य आता है।

Vastu tips for plants

सेहत के लिए पेड़-पौधे

पेड़-पौधे जीवंत शक्ति से भरपूर प्रकृति के ऐसे अनमोल उपहार हैं जो सभी को प्राणवायु ऑक्सीजन तो देते ही हैं,पर्यावरण को भी शुद्ध और संतुलित रखते हैं। वास्तुविज्ञान के अनुसार घर के बगीचे या बालकनी में छोटे पौधे जैसे तुलसी, गेंदा, लिली, केला, मनीप्लांट, आंबला, हरीदूब, पुदीना, हल्दी आदि लगाने चाहिए। इन पौधों को लगाने से न सिर्फ घर का वास्तुदोष दूर होता है बल्कि ये पौधे वायु को शुद्ध कर ऑक्सीजन की मात्रा को भी बढ़ाते हैं, जिससे परिवार के सदस्यों की सेहत अच्छी रहेगी। अद्भुत औषधीय गुणों वाला तुलसी का पौधा नकारात्मक ऊर्जा को ख़त्म करता है, वहीं यह अपने आस-पास के वातावरण को भी शुद्ध करता है अतः इसे घर में अवश्य लगाना चाहिए। हरे-भरे पौधे देखने से मन को सुकून मिलता है,वहीं तनाव दूर होता है ख़ुशी महसूस होती है। ध्यान रहे सूखे, कांटेदार और बोन्साई पौधे निराशा के सूचक हैं, घर में इन्हें न लगाएं।
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भजन-कीर्तन है शुभ

घर में हर रोज सुबह  कुछ समय के लिए भजन कीर्तन अवश्य लगाएं या पूजा करते समय घंटी आदि बजाते हुए मधुर स्वर में भजन गायन करे इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होगी,घर में सुख-शांति का माहौल बनेगा। शंख की ध्वनि भी इस कार्य के लिय उत्तम मानी गई  है एवं पूजा के उपरांत घर में शंख जल का छिड़काव करने से घर का वास्तुदोष दूर होता है,ईश्वर का आशीर्वाद बना रहता है। गाय के देशी घी का दीपक हर रोज घर में जलाना भी घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। घर या प्रतिष्ठान में वास्तुदोष व नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए कपूर की गोलियां रखें। ऐसा करने से वहां की नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी, धन लाभ भी बढ़ेगा।घर में पूजा-पाठ के दौरान कपूर जलाने से, इसकी महक वातावरण में फैलती है। इसकी खुशबू से वातावरण में मौजूद बैक्टीरिया आदि खत्म हो जाते हैं और वातावरण शुद्ध होता है।
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