हिंदू धर्म को मानने वाले घरों में एक छोटा सा मंदिर अवश्य बना होता है जहां पर देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित होती हैं। यह स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह के लिए इस स्थान का विशेष महत्व होता है। घर में मंदिर एक ऐसा स्थान होता है जहां हम सबसे अधिक मानसिक शांति महसूस कर सकते हैं। ज्यादातर हम लोग मंदिर बनाते समय या भगवान की मूर्तियां व तस्वीरें लगाते समय ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। इसके पीछे कारण होता है कि ज्यादातर लोगों के इस बारे में जानकारी ही नहीं होती है लेकिन क्या आपको पता है कि सही प्रकार से स्थापित मंदिर और प्रतिमाओं से जहां आपके घर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है तो वहीं यदि मंदिर बनाते समय या फिर उसमें प्रतिमाएं स्थापित करते समय कुछ बातों को ध्यान में न रखा जाए तो ये गलतियां हमारे जीवन में समस्याओं का कारण बनती हैं। इससे घर में कलह-क्लेश की स्थिति उत्पन्न होने लगती है। वास्तु के अनुसार मंदिर एक सही स्थान सही दिशा में होना आवश्यक होता है साथ ही मंदिर में लगाई जाने वाली प्रतिमाओं और तस्वीरों के स्थानादि को लेकर भी खास ध्यान रखना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि मंदिर में भगवान की प्रतिमाएं और तस्वीरें लगाते समय किन बातों को ध्यान में रखना आवश्यक होता है।