शनिदेव जिन्हे न्याय और कर्म का देवता माना जाता है वैदिक ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व होता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। इसके अलावा शनिदेव समय-समय पर वक्री और मार्गी भी होते रहते हैं। शनि के राशि परिवर्तन और चाल में बदलाव का व्यापक असर देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के जातकों पर भी पड़ता है। शनि अभी अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान हैं और 30 जून को 30 साल बाद कुंभ राशि में वक्री होंगे। शनि के वक्री होने पर कुछ राशि के जातकों पर शुभ तो कुछ पर अशुभ प्रभाव देखने को मिलेगा।
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या
शनि सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं आपको बता दें कि शनिदेव जनवरी 2024 से कुंभ राशि में विराजमान हैं। शनि के कुंभ राशि में विराजमान होने से मकर, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। 17 जनवरी 2023 से 29 मार्च 2025 तक शनि कुंभ राशि में ही मौजूद रहेंगे। वहीं कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर शनि की ढैय्या चल रही है।
मेष राशि पर साढ़ेसाती- 29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 तक
वृषभ राशि पर साढ़ेसाती - 03 जून 2027 से 13 जुलाई 2034 तक
मिथुन राशि पर साढ़ेसाती- 08 अगस्त 2029 से 27 अगस्त 2036 तक
कर्क राशि पर साढ़ेसाती- 31 मई 2032 से 22 अक्तूबर 2038 तक
सिंह राशि पर साढ़ेसाती- 13 जुलाई 2034 से 29 जनवरी 2041 तक
कन्या राशि पर साढ़ेसाती- 27 अगस्त 2036 से 12 दिसंबर 2043 तक
तुला राशि पर साढ़ेसाती- 22 अक्तूबर 2038 से 08 दिसंबर 2046 तक
वृश्चिक राशि पर साढ़ेसाती- 28 जनवरी 2041 से 3 दिसंबर 2049 तक
धनु राशि पर साढ़ेसाती- 12 दिसंबर 2043 से 3 दिसंबर 2049 तक
मकर राशि पर साढ़ेसाती- मौजूदा दौर में मकर राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। मकर राशि पर साढ़ेसाती 26 जनवरी 2017 से शुरू हो गई थी जो अब 29 मार्च 2025 पर खत्म होगी।
कुंभ राशि पर साढ़ेसाती- कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। 23 फरवरी 2028 तक इस राशि के जातकों को साढ़ेसाती से छुटकारा मिल जाएगा।
मीन राशि पर साढ़ेसाती- मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण जारी है। इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती 7 अप्रैल 2030 तक रहेगी।
इन राशियों को मिलेगी ढैय्या से छुटकारा
शनि अभी अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में हैं जिसके कारण अभी कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है। साल 2025 में इन लोगों को शनि की ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी।