Shani Shukra Yuti: शनि सभी नौ ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं। लेकिन इनका प्रभाव सबसे ज्यादा प्रभावी माना जाता है। शनि किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं, फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। इस तरह के पूरी राशि चक्र का एक चक्कर लनाने में शनि को 30 वर्षों का समय लगता है। शनि अभी गुरु की राशि मीन में हैं और वक्री अवस्था में संचरण कर रहे हैं। शनिदेव इस राशि में जून 2027 तक रहेंगे फिर इसके बाद मंगल की राशि मेष में चले जाएंगे। शनि के एक राशि में लंबे समय तक रहने के कारण समय-समय पर किसी न किसी ग्रह के साथ युति बनाते हैं या फिर शुभ-अशुभ योगों का निर्माण होता है। आपको बता दें आने वाले महीने अक्तूबर में शनि और शुक्र एक दूसरे के सामने हैं। इस कारण से प्रतियुति योग का निर्माण हो रहा है। यानी दोनों ही ग्रहों की एक-दूसरे पर द्दष्टि पड़ने के कारण कुछ राशि वाले जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार शनि और शुक्र एक दूसरे के सामने 11 अक्तूबर पर शाम को आएंगे। आइए जानते हैं किन-किन राशि वालों को इस प्रतियुति योग का फायदा मिलेगा।
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