Shani Dev Margi 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब-जब शनि की चाल और राशि में परिवर्तन आता है तो इसका व्यापक प्रभाव देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के ऊपर देखने को मिलता है। ज्योतिष में शनिदेव को दंडाधिकारी, न्यायाधीश और कर्मफलदाता माना जाता है। शनिदेव सभी राशियों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह एक राशि में सबसे ज्यादा समय तक रहते हैं। शनि देव ढाई साल बाद राशि बदलते हैं, इसके अलावा यह समय-समय पर मार्गी और वक्री होते रहते हैं। आपको बता दें कि शनिदेव अभी मीन राशि में वक्री हैं और अक्तूबर माह में मार्गी होने वाले हैं। शनिदेव के मीन राशि में रहते हुए वक्री से मार्गी होने का प्रभाव सभी राशियों के ऊपर देखने को मिल सकता है। लेकिन कुछ राशि के लोगों के ऊपर शनि के मार्गी होने का अच्छा असर देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं भाग्यशाली राशियां।