Rajyog 2025 Shani Transit: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव का विशेष महत्व होता है। शनि को कर्मफलदाता और न्याय का कारक ग्रह माना जाता है। शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। सभी ग्रहों में शनि की चाल सबसे मंद होती है। जिस कारण से यह एक राशि में सबसे लंबे समय तक रहते हैं। इस कारण जिन राशि वालों के लिए शनि अच्छे होते हैं उन पर अच्छा प्रभाव वहीं जिन जातकों की कुंडली में शनि बुरा प्रभाव रखते हैं उन पर लंबे समय तक परेशानियां चलती है। इसके अलावा शनि समय पर अन्य ग्रहों के साथ युति और द्दष्टि संबंध भी बनाते हैं। जिसके कारण राजयोग का निर्माण होता है। आपको बता दें शनि अभी मीन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान हैं। इसके अलावा 23 नवंबर को शनि और बुध एक दूसरे से 120 डिग्री पर होंगे, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा। वही बुध इस दिन राशि परिवर्तन करते हुए तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। ऐसे में शनि-बुध एक दूसरे से नवम और पंचम स्थान पर होंगे जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा। नवपंचम राजयोग के निर्माण से कुछ राशि वालों को बंपर लाभ मिल सकता है। आइए जानते हैं कौन-सी हैं वे भाग्यशाली राशियां।
Lucky Rashi 2026: शनि, मंगल और गुरु की चाल से बदल जाएगी साल 2026 में इन राशियों की किस्मत