कई बार टाइफाइड से बचने का भरसक प्रयास करने के बावजूद इस बीमारी से छुटकार नहीं मिलता है। इससे गुजरने वाला व्यक्ति ही इस पीड़ा को समझ सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि टाइफाइड के पीछे आपके ग्रह भी हो सकते हैं।
लग्न, लग्नेश पर क्रूर ग्रहों का प्रभाव हो तो टाइफाइड हो जाता है। लग्न और रोग स्थान का मालिक मंगल राहु के साथ मारक स्थान में है और इस पर केतु-शनि की दृष्टि है। चंद्र भी केतु से पीड़ित है। मेष राशि पर शनि की नीच दृष्टि होने से टाइफाइड होता है।
हस्तरेखा: अगर हथेली का मध्य भाग मुलायम और खुश्क हो तो ज्वर होता है।
औषधि: केसर व कस्तूरी युक्त मोती, ब्रह्मवटी और भाप लेनी चाहिए।