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Mangal Gochar 2025: मंगल का राशि परिवर्तन, जानिए कन्या राशि वालों पर प्रभाव

Tue, 29 Jul 2025 04:41 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Mangal Gochar 2025: कन्या राशि के जातकों के लिए मंगलदेव तीसरे और आठवें भाव के स्वामी होते हैं और 28 जुलाई को इनका गोचर आपकी राशि के पहले भाव यानी लग्न में हुआ है।
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मंगल का कन्या राशि में गोचर - फोटो : adobe stock
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विस्तार
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 Mangal Gochar 2025: युद्ध और भूमि के देवता और ग्रहों के सेनापति मंगलदेव सिंह राशि में लगभग 45 दिनों तक रहने के बाद अब कन्या राशि में गोचर कर चुके हैं। मंगलदेव 28 जुलाई को शाम 07 बजकर 02 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश कर गए हैं। मंगल के कन्या राशि में गोचर करने से सिंह राशि में मंगल और केतु की युति खत्म हो गई है। आपको बता दें कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुधदेव होते हैं और इनकी मंगल के साथ शत्रुता का भाव रहता है। ऐसे में मंगल लगभग 45 दिनों तक अपने शत्रु ग्रह की राशि में रहेंगे जिसे बहुत ही शुभ नहीं माना जा सकता है।  कन्या राशि में मंगल 13 सितंबर तक रहेंगे। कन्या राशि में मंगल के आने से देश-दुनिया के साथ-साथ सभी राशियों के ऊपर प्रभाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं मंगल के गोचर करने से कन्या राशि पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा।  
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कन्या राशि पर मंगल के गोचर का प्रभाव
कन्या राशि के जातकों के लिए मंगलदेव तीसरे और आठवें भाव के स्वामी होते हैं और 28 जुलाई को इनका गोचर आपकी राशि के पहले भाव यानी लग्न में हुआ है। पहले भाव में मंगल का गोचर को अच्छा नहीं माना जाता है। मंगल के गोचर करने से इस दौरान आपको वाहन आदि बड़ी ही सावधानी के चलाना होगा। दांपत्य जीवन जीने वाले लोगों को कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। आपको इस दौरान तालमेल की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
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ज्योतिष में मंगल ग्रह का महत्व
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वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को एक क्रूर ग्रह माना जाता है। 
- मंगल ग्रह को सभी ग्रहों में सेनापति का दर्जा प्राप्त है। 
- मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह होते हैं। 
- भूमिपुत्र मंगल मकर राशि में उच्च के होते हैं, जबकि कर्क राशि में नीच के होते हैं।
- मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह होते हैं। 
- जिन जातकों की कुंडली मंगल शुभ स्थान पर और शुभ ग्रहों को प्रभाव में होते हैं ऐसा व्यक्ति बहुत ही निडर और साहसी होता है। 
- मंगल ग्रह के अशुभ स्थिति में होने पर जातक को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।
- कुंडली में मंगल दोष होने पर व्यक्ति का दांपत्य जीवन बहुत अच्छा नहीं माना जाता है। 

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