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Mangal Gochar 2025: मंगल का कन्या राशि में गोचर, जानिए सिंह राशि वालों पर प्रभाव

Tue, 29 Jul 2025 04:12 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Mangal Gochar 2025: सिंह राशि के जातकों के लिए मंगलदेव उनके दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। कुंडली का दूसरा भाव धन और कुंटुंब का होता है, ऐसे में मंगल के दूसरे भाव में आने पर आपके आर्थिक मामलों में इसका गहरा प्रभाव देखने को मिलेगा।
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मंगल का कन्या राशि में गोचर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 Mangal Gochar 2025: साहस, पराक्रम, भूमि, भवन और ऊर्जा के कारक ग्रह मंगल अब सिंह राशि की यात्रा को विराम देते हुए बुधदेव के स्वामित्व वाली राशि कन्या में प्रवेश कर चुके हैं। मंगलदेव एक राशि में करीब 45 दिनों तक रहते हैं ऐसे में यह कन्या राशि में 13 सितंबर तक इसी राशि में रहेंगे। कन्या राशि में मंगल के आने से देश-दुनिया के साथ-साथ सभी राशियों के ऊपर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं भूमिपुत्र मंगल के कन्या राशि में गोचर करने से सिंह राशि वालों के ऊपर किस तरह का असर देखने को मिलेगा।
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सिंह राशि पर मंगल के गोचर का प्रभाव
सिंह राशि के जातकों के लिए मंगलदेव उनके दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। कुंडली का दूसरा भाव धन और कुंटुंब का होता है, ऐसे में मंगल के दूसरे भाव में आने पर आपके आर्थिक मामलों में इसका गहरा प्रभाव देखने को मिलेगा। इस दौरान आय के स्त्रोतों में जबरदस्त इजाफा देखने को मिलेगा। आर्थिक स्थितियां पहले के मुकाबले बेहतर रहेगी। लेकिन आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा और बेफिजूल के खर्चों में बढ़ोतरी होगी। आपको निवेश संबंधी मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेना होगा। 
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पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आएगी।

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ज्योतिष में मंगल ग्रह का महत्व
-
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को एक क्रूर ग्रह माना जाता है। 
- मंगल ग्रह को सभी ग्रहों में सेनापति का दर्जा प्राप्त है। 
- मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह होते हैं। 
- भूमिपुत्र मंगल मकर राशि में उच्च के होते हैं, जबकि कर्क राशि में नीच के होते हैं।
- मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह होते हैं। 
- जिन जातकों की कुंडली मंगल शुभ स्थान पर और शुभ ग्रहों को प्रभाव में होते हैं ऐसा व्यक्ति बहुत ही निडर और साहसी होता है। 
- मंगल ग्रह के अशुभ स्थिति में होने पर जातक को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।
- कुंडली में मंगल दोष होने पर व्यक्ति का दांपत्य जीवन बहुत अच्छा नहीं माना जाता है। 


 
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