12 नवंबर 2026 को गुरु-मंगल का संयोग बनने वाला है। पंचांग के अनुसार, मंगल ग्रह 12 नवंबर को रात 8 बजकर 20 मिनट पर सिंह राशि में गोचर करेंगे, जहां पर गुरु पहले से ही सिंह राशि में विराजमान हैं। इस तरह से सिंह राशि में मंगल और गुरु की युति होगी। ज्योतिष में मंगल और गुरु दोनों ही का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष में मंगल भाग्य, धन, विस्तार और ज्ञान आदि के कारक ग्रह माना जाता है। वहीं मंगल साहस, ऊर्जा, रक्त और भूमि आदि का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिषीय द्दष्टि से मंगल और गुरु की युति बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगल-गुरु के संयोग से कुछ राशि वालों को आने वाले दिनों में अच्छा लाभ मिलता हुआ दिखाई देगा।
मेष राशि पर प्रभाव
मेष राशि के जातकों के लिए मंगल-गुरु की युति बहुत ही शुभ और लाभकारी रहेगा। आपके रुके हुए कार्यों पूरे होंगे। नौकरीपेशा जातकों को नई तरह की जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। करियर-कारोबार के लिहाज से आपको आने वाले समय में अच्छा लाभ मिलेगा। आर्थिक मामलों में आपको लाभ मिलेगा। इस दौरान नए तरह के संपर्क बनेंगे।
सिंह राशि पर गुरु-मंगल की युति
सिंह राशि वालों के लिए मंगल-गुरु की युति आपके लिए बहुत ही खास और लाभकारी रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपको नई तरह की संभावनाएं दिखाई देंगी। नौकरी में प्रमोशन के योग बनेंगे। निवेश के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा।
कुंभ राशि पर गुरु-मंगल युति का कैसा रहेगा प्रभाव
कुंभ राशि के जातकों के लिए गुर-मंगल का संयोग बदलाव लेकर आ सकता है। नौकरी की तैयारी करने वालों को नए-नए तरह के अवसर मिलेंगे। व्यापार में मुनाफा कमाने का अवसर मिलेगा। आर्थिक लाभ के अवसरों में वृद्धि होगी।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।