ज्योतिषीय गणना के मुताबिक मेष, वृषभ, कर्क, कन्या, वृश्चिक, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर शुभ रहने वाला है। इन राशि के जातकों को एक साथ कई तरह की शुभ सूचनाएं प्राप्त हो सकती हैं।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को शुभ ग्रह, ज्ञान, विद्या, शिक्षक, धन, पुण्य, धर्म और बड़े भाई आदि का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिष में गुरु ग्रह को धनु और मीन राशि का स्वामी माना जाता है। गुरु करीब 13 महीनों में अपनी राशि बदलते हैं। दरअसल देवगुरु बृहस्पति बीते 01 मई को वृषभ राशि में प्रवेश कर लिया है। वृषभ राशि के स्वामी ग्रह दैत्यों को गुरु शुक्राचार्य होते हैं। गुरु का वृषभ राशि में गोचर 12 साल बाद हुआ है और यह इस राशि में करीब एक साल तक रहेंगे। गुरु के गोचर करने से कई राशि के लोगों के लिए अच्छा है। आइए जानते हैं गुरु गोचर का किन-किन राशियों को लाभ मिलेगा और किन्हें होगा नुकसान।
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गुरु गोचर से इन राशियों को होगा लाभ
ज्योतिषीय गणना के मुताबिक मेष, वृषभ, कर्क, कन्या, वृश्चिक, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर शुभ रहने वाला है। इन राशि के जातकों को एक साथ कई तरह की शुभ सूचनाएं प्राप्त हो सकती हैं। अचानक धन लाभ मिल सकता है। जो काम अधूरे पड़े थे वह अब पूरे होंगे। जीवन में तरक्की और कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी के अवसरों में वृद्धि होगी और व्यापार में मुनाफा व विस्तार के योग है। छात्रों को परीक्षा में सफलता मिल सकती है। धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं और प्रापर्टी आदि की खरीदारी हो सकती है।
इन राशियों के लिए गुरु गोचर अशुभ
मिथुन, सिंह, धनु, तुला और मीन राशि के जातकों के लिए गुरु ग्रह का गोचर अच्छा नहीं कहा जा सकता है। मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं जिससे आपका मन विचलित हो सकता है। सेहत संबंधी कुछ परेशानियां आ सकती हैं। धन के मामले में आपको नुकसान हो सकता है। आपको अपने मन में नकारात्मक विचार लाने से बचना होगा।