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Budh Margi 2025: बुध कर्क राशि में मार्गी, जानें वृषभ राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ?

Sun, 10 Aug 2025 01:24 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Budh Margi 2025: 11 अगस्त को बुध आपके तीसरे भाव में मार्गी हुए हैं। बुध का तीसरे भाव में गोचर आमतौर पर अच्छा नहीं माना जाता है। बुध ग्रह आपकी राशि से कुंडली के दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी होते हैं।
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बुध के गोचर करने से वृषभ राशि पर प्रभाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Budh Margi 2025: 
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11 अगस्त 2025 को बुध ग्रह कर्क राशि में मार्गी होंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, व्यापार, तर्क-वितर्क, गणित और ,संचार के कारक ग्रह होते हैं। 11 अगस्त को ग्रहों के राजकुमार बुध दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर चंद्रमा की राशि में कर्क में सीधी चाल से चलेंगे। बुध के मार्गी होने पर इसका व्यापक प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं बुध के मार्गी होने से वृषभ राशि वालों पर किसी तरह का असर  देखने को मिल सकता है। 

वृषभ राशि पर बुध के मार्गी होने का प्रभाव
11 अगस्त को बुध आपके तीसरे भाव में मार्गी होंगे। बुध का तीसरे भाव में गोचर आमतौर पर अच्छा नहीं माना जाता है। बुध ग्रह आपकी राशि से कुंडली के दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी होते हैं। दूसरे भाव के स्वामी का दूसरे भाव में गोचर करना आर्थिक स्थितियों में इजाफा दिलाता है। आर्थिक मामलों में कुछ हद तक मदद मिल सकती है, लेकिन भाई-बंधुओं या पड़ोसियों के साथ विवाद की संभावना बनी रहेगी। इसलिए बातचीत में सावधानी बरतना जरूरी होगा। मित्रता बनाना इस समय बेहतर रहेगा। आपको अपने परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बैठाकर चलना होगा। 

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ज्योतिष में बुध ग्रह
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं। बुध को मिथुन और कन्या राशियों का स्वामी का ग्रह माना जाता है।

Budh Grah Margi: 11 अगस्त को बुध होंगे मार्गी, जानें सभी 12 राशियों पर क्या पड़ेगा इसका प्रभाव

कुंडली में बुध को मजबूत करने के उपाय
  • बुधवार को भगवान गणेश को 11 मोदक का भोग लगाएं।
  • बुधवार के व्रत रखें।
  • बुधवार के दिन हरि चूड़ियों का दान करें।
  • रोजाना आप बुध स्तोत्र का पाठ करें।
  • बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का 108 बार जाप करें।
  • यदि संभव हो, तो आप पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं।
  • बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
  • रोजाना तुलसी को जल चढ़ाएं।
  • बुधवार के दिन गाय को घास खिलाएं।
  • हरी मूंग की दाल का दान करें। 
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