नंबर 13 का भारत में संख्यात्मक अंधविश्वास
संख्या को लेकर डरने रखने वालों में भारत भी पीछे नहीं है। आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली या 'अप्रयुक्त' संख्या 420 है। यह संख्या धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी है। इसी प्रकार तेरह अंक को भी अशुभ माना जाता है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में, राजनीति ने भी अशुभ संख्या की चर्चा अक्सर होती है। 13 का नंबर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ा था। 13 दिन सत्ता में रहने के बाद वाजपेयी की सरकार गिर गई। ऐसा माना जाता है कि उनके शपथ ग्रहण समारोह की तिथि जो 13 मई, 1996 को हुई थी। दूसरी बार भी, अटल बिहारी वाजपेयी 13 महीने के लिए प्रधान मंत्री बने, जिसके बाद सरकार सत्ता से बाहर हो गई। चंडीगढ़ के हरे-भरे शहर में 2020 तक सेक्टर 13 मौजूद नहीं था, क्योंकि शहर के स्विस-फ्रांसीसी वास्तुकार ले कॉर्बूसियर ने 13 नंबर को अशुभ माना था। इसी तरह नोएडा शहर मे काफी बिल्डिंग मे 13 नंबर फ्लोर नही है साथ ही इसरो(ISRO) ने भी रॉकेट PSLV12 के बाद PSLV14 को लांच किया था।
नंबर 13 का अर्थव्यवस्था पर असर
कहा तो ये भी जाता है कि 13 नंबर का असर अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करता है। लोग 13 तारीख व शुक्रवार साथ हो तो खरीदारी, यात्रा या महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को निर्धारित नहीं करते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस वजह से व्यवसायों को करोड़ों डॉलर का नुकसान होता है। कुछ लोग में डर इतना अधिक होता है कि वे व्यापार करने, उड़ान भरने या बिस्तर से उठने तक की अपनी सामान्य दिनचर्या से बचते हैं। अनुमान लगाया गया है कि इस दिन व्यापार में 700 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का नुकसान होता है। उत्तरी कैरोलिना के एशविले में स्ट्रेस मैनेजमेंट सेंटर और फोबिया इंस्टीट्यूट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में अनुमानित 20 मिलियन लोग इस दिन के डर से प्रभावित हैं, जिससे यह इतिहास का सबसे भयावह दिन और तारीख बन गया है।
iPhone 13 का लॉच और Triskaidekaphobia
यह भी नंबर का खौफ या असर था कि एप्पल कंपनी ने 2017 में iPhone 9 की सीरिज़ को दरकिनार कर सीधे iPhone 10 को लॉंच कर दिया था। हांलाकि इस साल कंपनी ने iPhone 13 लॉन्च करने में संकोच नहीं किया। हालाँकि, अब नंबर से जुड़ा अंधविश्वास यहां भी उजागर हो रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, चिप की कमी के कारण आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं के कारण एप्पल कंपनी iPhone 13 के उत्पादन में कटौती कर सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर तकनीकी उद्योग प्रभावित होने की आशंका है। खुद एपल ने कहा की उसको लगभग 6 बिल्यन डॉलर का नुकसान इस तिमाही मे चिप की कमी के चलते हुआ है।
ना केवल Apple, बल्कि Microsoft भी ने अशुभ अंकों से दूर बनाये रखने में ही भलाई समझी। Microsoft जैसी मल्टीनैश्नल कंपनी ने भी अपने 8.1 मॉडल को छोड़कर सीधे 10 मॉडल को लॉच कर किया था।
मिथक और गणित दोनों ने इस अशुभ संख्या को और भी बदनाम करने में योगदान किया है। iPhone ही नहीं, कई दूसरे क्षेत्रों में भी संख्या 13 का डर पैदा हो गया है। हालांकि यह एप्पल के लिए बुरी खबर नहीं है क्योंकि इसके उपयोगकर्ता अब नए iPhone 14 का अधिक उत्साह के साथ इंतजार कर रहे हैं। चिप की कमी या कहे नंबर 13 के खौफ से iPhone 13 की बिक्री ने वो रफ्तार तो नहीं पकड़ी, जिसकी उम्मीद थी लेकिन एप्पल के चाहने वालों को iPhone 14 का बेसब्री से इंतजार है। iPhone की लोकप्रियता और युवाओं का इस फोन सीरिज़ से लगाव, Triskaidekaphobia अर्थात नंबर 13 के डर से कहीं ज्यादा है।