Kumbh Sankranti 2022: सूर्य देव का कुंभ राशि में प्रवेश 13 फरवरी को तड़के 03 बजकर 41 मिनट पर होगा
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कुंभ संक्रांति 2022 महा पुण्य काल
सूर्य देव का कुंभ राशि में गोचर: 13 फरवरी, रविवार प्रातः 03: 41 मिनट पर
कुंभ संक्रांति का पुण्य काल आरंभ: प्रात: 07: 01 मिनट से
कुंभ संक्रांति का पुण्य काल समाप्त: दोपहर 12: 35 मिनट तक
कुंभ संक्रांति पुण्य काल का कुल समय: 05 घंटा 34 मिनट
कुंभ संक्रांति का महा पुण्य काल आरंभ: प्रातः 07: 01 मिनट से
कुंभ संक्रांति का महा पुण्य काल समाप्त: प्रातः 08: 53 मिनट तक
महा पुण्य काल की कुल अवधि: 01 घंटा 51 मिनट
Kumbh Sankranti: कुंभ संक्रांति के दिन भगवान आदित्य की पूजा और उनके आर्शीवाद से जीवन के अनेक दोष भी दूर हो जाते हैं।
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कुंभ संक्रांति के दिन करें ये कार्य
- कुंभ संक्रांति के दिन सुख-समृद्धि पाने के लिए मां गंगा का ध्यान करें। गंगा नदी में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- कुंभ संक्रांति के दिन सूर्य भगवान की विधि-विधान से पूजा करने पर उस घर-परिवार में किसी भी सदस्य के ऊपर कोई मुसीबत या रोग नहीं आता।
- भगवान आदित्य की पूजा और उनके आर्शीवाद से जीवन के अनेक दोष भी दूर हो जाते हैं। इससे प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में भी वृद्धि होती है।
- कुंभ संक्रांति के दिन भोजन, वस्त्रों और गरीबों को दान देने से दोगुना पुण्य मिलता है।
- कुंभ संक्रांति के दिन सूर्यदेव के बीज मंत्र का जाप करने से मनुष्य को अपने दुखों से छुटकारा शीघ्र मिल जाता है।