इस वर्ष स्वर्ण आभूषण, भूमि-भवन के साथ चल-अचल संपत्ति की खरीदी के लिए गुरु पुष्य नक्षत्र 25 घंटे 57 मिनिट रहेगा। इस साल गुरु-पुष्य को साथ सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग और भी खास बना रहा है।
अब त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में दीपवाली से पूर्व धनतेरस पर खरीदारी का माहौल बन जाता है। परन्तु इस बार आप धनतेरस और दिवाली से पहले खरीदारी कर सकते हैं वो भी महाशुभ मुहूर्त में। यह महामुहूर्त आएगा 28 अक्टूबर को। यह नक्षत्रों के राजा गुरु पुष्य नक्षत्र है जो आपके लिए यह अवसर लाये हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष स्वर्ण आभूषण, भूमि-भवन के साथ चल-अचल संपत्ति की खरीदी के लिए गुरु पुष्य नक्षत्र 25 घंटे 57 मिनिट रहेगा। इस साल गुरु-पुष्य को साथ सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग और भी खास बना रहा है। इस दिन सोना-चांदी और भूमि-भवन की खरीदारी विशेष लाभदायक मानी गई है।
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गुरु पुष्य नक्षत्र
- फोटो : amar ujala
पुष्य नक्षत्र मुहूर्त
सप्तमी तिथि आरम्भ : 28 अक्टूबर प्रातः 9.41 बजे से
सप्तमी तिथि समाप्त: 29 अक्टूबर प्रातः11.38 बजे तक
रवि योग: 28 अक्टूबर प्रातः 9.30 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: 28 अक्टूबर पूरे दिन