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Chandra Grahan 2020 : ऐसा होता है उपच्छाया चंद्र ग्रहण, जानें इससे जुड़ी सारी जानकारी

Fri, 05 Jun 2020 11:47 PM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

खास बातें

Chandra Grahan 2020, Lunar Eclipse June 2020 Date and Time, Timings in India: 5 जून को ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि के दिन इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगा।  यह ग्रहण भारत समेत एशिया, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश हिस्सों में दिखाई दिया। चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार, रात 11 बजकर 15 मिनट पर शुरू हुआ है जो रात दो बजकर 34 मिनट पर समाप्त हुआ। ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 18 मिनट तक रही।
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लाइव अपडेट

11:13 PM, 05-Jun-2020

चंद्र ग्रहण के प्रभावों को नष्ट करने के लिए करें यह उपाय

चंद्र ग्रहण के अशुभ प्रभावों को नष्ट करने के लिए अगले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। स्नान के बाद चंद्र ग्रहण के पश्चात चावल और सफेद तिल का दान करें और अपने से बड़ों का आशीर्वाद अवश्य लें। यह सरल उपाय आपको ग्रहण के अशुभ प्रभावों से मुक्त करेगा।

10:47 PM, 05-Jun-2020

साल 2020 में लगेंगे दो सूर्य ग्रहण

साल 2020 में दो सूर्य ग्रहण लगेंगे। पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगेगा। यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा। वहीं साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। लेकिन भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए यहां पर सूतक काल मान्य नहीं होगा।

10:40 PM, 05-Jun-2020

कहीं आसमान है साफ तो कहीं छाए हैं बादल

अब बस कुछ ही देर में चंद्र ग्रहण लगने वाला है। हालांकि आसमान में कहीं बादल हैं तो कहीं नजारा साफ है। ऐसे में पूर्णिमा का चांद भी आंख मिचौली खेल रहा है। इस स्थिति में चंद्र ग्रहण भी बादलों का साथ लेकर लुका छिपी का खेल खेल सकता है।

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10:23 PM, 05-Jun-2020

क्या होता है ग्रहण में लगने वाला सूतक काल

ग्रहण में लगने वाला सूतक काल एक अशुभ समयावधि होती है। इस अशुभ अवधि में कई कार्यों को करने की मनाही होती है। सूर्य ग्रहण में जहां सूतक ग्रहण लगने से 12 घंटे पूर्व लग जाता है। वहीं चंद्र ग्रहण में यह नौ घंटे पहले लगता है। सूतक काल ग्रहण समाप्ति के साथ ही खत्म होता है। हालांकि उपच्छाया चंद्र ग्रहण में सूतक मान्य नहीं होता है।

10:16 PM, 05-Jun-2020

चंद्र ग्रहण से वृश्चिक लग्न वालों को रहना होगा सावधान

आज का उपच्छाया चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि पर लग रहा है। इसलिए वृश्चिक राशि के जातकों को थोड़ा संभलकर रहने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्हें चंद्र ग्रह की शांति के लिए उपाय करने चाहिए। आप 108 बार चंद्र ग्रह के बीज मंत्र का जप कर सकते हैं। यह आपके लिए लाभकारी होगा।  

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10:05 PM, 05-Jun-2020

अभी कुछ ऐसा दिखाई दे रहा है चंद्रमा

नासा के मुताबिक आज चंद्रमा पृथ्वी के नजदीक होने के कारण बड़े आकार का नजर आ रहा है। आसमान में यह और दिनों की अपेक्षा ज्यादा चमकीला दिख रहा है। अब से करीब एक घंटे के बाद आप चंद्र ग्रहण को टेलीस्कोप के माध्यम से देख सकते हैं।

09:49 PM, 05-Jun-2020

क्या होता है मांद्य चंद्र ग्रहण

मांद्य चंद्र ग्रहण सामान्य चंद्र से भिन्न होता है। इसमें पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा ये तीनों एक सीधी रेखा में नहीं होते हैं। बल्कि ऐसी स्थिति में होते हैं जहां से पृथ्वी की केवल हल्की सी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इसमें चंद्रमा घटता-बढ़ता नहीं है, बल्कि सामान्य आकार का दिखाई देता है।

09:40 PM, 05-Jun-2020

कितने देर तक रहेगा चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण लगने में अब कुछ ही पल की देरी है। ग्रहण से पहले आप आसमान में इस समय खूबसूरत चांद के दीदार कर सकते हैं। कहीं-कहीं बादलों संग चांद लुका-छिपी का खेल रहा है। चंद्र ग्रहण आज रात 11 बजकर 15 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा। आप ये नजारा रात के 2 बजकर 34 मिनट तक देख सकते हैं। कुल मिलाकर देखा जाय तो आप चंद्र ग्रहण का ये नजारा 3 घंटे 18 मिनट देख सकते हैं।

09:31 PM, 05-Jun-2020

मन और माता पर पड़ता है चंद्र ग्रहण का प्रभाव

चंद्र ग्रहण का प्रभाव व्यक्ति के मन पर पड़ता है। इसके साथ ही यह माता जी को भी प्रभावित करता है। ज्योतिष में चंद्र ग्रहण को मन और माता का कारक माना जाता है। इसलिए जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा पीड़ित अवस्था में हो उन्हें ग्रहण के दौरान चंद्र ग्रह की शांति के उपाय करने चाहिए। 

09:15 PM, 05-Jun-2020

2020 के तीसरे और चौथे चंद्र ग्रहण का समय व तारीख

इस साल का तीसरा चंद्र ग्रहण 5 जुलाई को सुबह 8 बजकर 37 मिनट से शुरु होगा और 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। वहीं साल का आखिरी और चौथा चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को लगेगा। यह चंद्र ग्रहण दोपहर 1 बजकर 2 मिनट से प्रारंभ होगा और शाम 5 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। 

09:03 PM, 05-Jun-2020

वर्ष 2020 में लगेंगे चार चंद्र ग्रहण, जनवरी में लगा था पहला

साल 2020 में चार चंद्र ग्रहण लगेंगे। इस साल का पहला चंद्र 10 जनवरी में लगा था। वहीं आज लगने वाला उपच्छाया चंद्र ग्रहण इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण है। इसके बाद 5 जुलाई को तीसरा चंद्र ग्रहण और 30 नवंबर को चौथा और वर्ष का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। 

08:51 PM, 05-Jun-2020

चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव

आज होने वाला चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि में लग रहा है। यह मंगल ग्रह की राशि है। इसके साथ ही ग्रहण ज्येष्ठा नक्षत्र में लगेगा, जो बुध ग्रह का नक्षत्र है। आज का उपच्छाया चंद्र ग्रहण भले ही वृश्चिक राशि में लग रहा हो लेकिन इसका शुभ-अशुभ असर सभी राशियों पर पड़ने वाला है।

सभी 12 राशियों पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव

08:43 PM, 05-Jun-2020

ग्रहण को नग्न आंखों से न देखें

ग्रहण को नंगी आंखों से कभी नहीं देखना चाहिए। खासकर सूर्य ग्रहण को। वैज्ञानिकों के अनुसार, चंद्र ग्रहण को आप नग्न आंखों से तो देख सकते हैं लेकिन सूर्य ग्रहण को नहीं। क्योंकि सूर्य ग्रहण से आपकी आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। सूर्य ग्रहण को देखने के लिए सोलर फिल्टर वाले चश्मों का प्रयोग करना चाहिए। 

08:33 PM, 05-Jun-2020

कहां-कहां दिखाई देगा ग्रहण

बस कुछ ही घंटों बाद लगने वाला उपच्छाया चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। इसके साथ ही यह एशिया, अफ्रीका, यूरोप एवं ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश हिस्सों भी नजर आएगा। लेकिन चंद्र ग्रहण को देखने के लिए आपको वैज्ञानिक उपकरण की सहायता लेनी पड़ेगी। क्योंकि नग्न आंखों यह दिखाई नहीं देगा।

08:25 PM, 05-Jun-2020

ग्रहण के दौरान न करें भोजन

ग्रहण के दौरान भोजन को नहीं खाना चाहिए। मान्यता ये भी है कि ग्रहण में लगने वाले सूतक काल में खाना बनाना भी नहीं चाहिए। ग्रहण समाप्ति के बाद ही भोजन करना चाहिए। यदि भोजन ग्रहण के दौरान बना हुआ है तो उसे फेंकना नहीं चाहिए, बल्कि ग्रहण के पश्चात् उसमें तुलसी के पत्ते डालकर उसे शुद्ध करके ग्रहण करना चाहिए।

08:12 PM, 05-Jun-2020

ग्रहण के अशुभ प्रभाव से ऐसे बचें

आज लगने वाला ग्रहण इतना प्रभावकारी नहीं है। लेकिन ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए चंद्र ग्रह से संबंधित मंत्रों का जाप करना चाहिए। चंद्र ग्रह के बीज मंत्र ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः का 108 बार जाप करने से ग्रहण के अशुभ प्रभावों से बचा जा सकता है। इसके अलावा चंद्र यंत्र की पूजा करने से भी ग्रहण के अशुभ प्रभावों से छुटकारा मिलता है।

07:54 PM, 05-Jun-2020

राहु-केतु और ग्रहण का संबंध

जहां विज्ञान इसे महज एक खगोलीय घटना मानता है वहीं धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह कहा जाता है कि ग्रहण का कारण राहु और केतु ग्रह हैं। दोनों पापी ग्रह सूर्य और चंद्रमा को ग्रहण लगाकर शापित करते हैं। राहु-केतु उसी राक्षस के सिर और धड़ हैं जिसने देवताओं की पंक्ति में जाकर अमृत पी लिया था। 

इस बार बेहद खास होगा 21 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण, आसमान में नजर आएगा कोरोना..!

07:42 PM, 05-Jun-2020

ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को देना होगा खास ध्यान

ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को खास ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। खासकर इस दौरान उन्हें नुकीली चीजों और तेजधार वाले औजारों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसका बुरा असर गर्भ में पल रहे शिशु के शरीर पर पड़ता है। सूतक काल में तो उन्हें घर से भी बाहर नहीं निकलना चाहिए।

07:32 PM, 05-Jun-2020

पूर्णिमा तिथि पर ही लगता है चंद्र ग्रहण 

चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि के दिन ही लगता है। लेकिन हर पूर्णिमा तिथि को यह नहीं लगता है। खगोल विज्ञान के अनुसार पूर्णिमा तिथि पर चंद्र ग्रहण का कारण पृथ्वी की कक्षा पर चंद्रमा की कक्षा का झुका होना है। यह झुकाव 5 अंश का है। इसलिए हर पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश नहीं करता है।

07:20 PM, 05-Jun-2020

चंद्र ग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताएं

धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण को अशुभ घटना के रूप में देखा जाता है। इसलिए इस दौरान कई कार्यों को वर्जित माना गया है। खासकर शुभ कार्यों को। ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ नहीं की जाती है और न ही देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श किया जाता है। मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। फिर ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण की प्रक्रिया होती है। 

07:12 PM, 05-Jun-2020

किस समय लगेगा उपच्छाया चंद्र ग्रहण

5 और 6 जून की आधी रात को उपच्छाया चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 18 मिनट तक रहेगी। ग्रहण रात के 11 बजकर 15 मिनट से आरंभ होकर रात के 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा, पृथ्वी की हल्की छाया से गुजरकर निकल जाएगा।

07:02 PM, 05-Jun-2020

तीन प्रकार से लगते हैं चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण तीन प्रकार से लगते हैं। इनमें पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण, दूसरा आंशिक और तीसरा उपच्छाया चंद्र ग्रहण होता है। खगोल विज्ञान के अनुसार जब सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक ही रेखा में हों और सूर्य व चंद्रमा के बीच में पृथ्वी आकर चंद्रमा को पूरी तरह ढक ले तो इसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं जबकि आंशिक चंद्र ग्रहण में पृथ्वी चंद्रमा को आंशिक रूप में ढकती है।  

06:53 PM, 05-Jun-2020

नग्न आंखों से नहीं दिखाई देगा आज होने वाला चंद्र ग्रहण

आज रात को होने वाला चंद्र ग्रहण नग्न आंखों से दिखाई नहीं देगा। इसे टेलिस्कोप के माध्यम से ही देखा जा सकेगा। क्योंकि उपच्छाया चंद्र ग्रहण में चंद्रमा के आकार में फर्क नहीं पड़ता है। बस इसके आसपास केवल हल्की धुंधली सी परत नजर आती है। यह चंद्र ग्रहण प्रभावी भी नहीं होता है। लेकिन राशियों पर इसका असर जरूर पड़ता है।

Chandra Grahan 2020: आज लग रहा है चंद्र ग्रहण, राशियों पर होगा शुभ-अशुभ प्रभाव, जानें उपाय

06:47 PM, 05-Jun-2020

21 जून को सूर्य ग्रहण

इस चंद्र ग्रहण के बाद इसी महीने की 21 तारीख को सूर्य ग्रहण लगेगा। यह खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा। जिसे भारत में देखा जा सकेगा। सूर्य ग्रहण 21 जून को सुबह 10 बजकर 9 मिनट से प्रारंभ होकर दोपहर के 1 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इसमें सूतककाल प्रभावी रहेगा। इस ग्रहण में सूतक 20 जून की रात को 10 बजकर 9 मिनट से शुरू हो जाएगा। 

06:32 PM, 05-Jun-2020

ज्योतिष नजरिए से आज का ग्रहण

आज रात उपच्छाया चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि में और ज्येष्ठा नक्षत्र में लगेगा। शास्त्रों में पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी जाती है और गरीबों को दान दिया जाता है। ग्रहण पर अपने इष्टदेव का ध्यान और चंद्र ग्रह से संबंधित मंत्र का जाप करना शुभफलदायी होता है।

06:23 PM, 05-Jun-2020

30 दिन बाद 5 जुलाई को भी चंद्रग्रहण

अगले महीने 5 जुलाई को भी लगेगा। वह भी उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने से इसमें भी सूतक का कोई प्रभाव नहीं रहेगा।

06:07 PM, 05-Jun-2020

ग्रहण के बाद जरूर करें ये काम

ग्रहण के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें और पूजा स्थल की भी शुद्धि अवश्य करें है। ग्रहण के उपरांत स्वयं भी स्नान करें। शास्त्रों में ग्रहण के बाद दान-पुण्य करने का भी महत्व बताया गया है।
Chandra Grahan 2020: उपच्छाया चंद्र ग्रहण आज, ग्रहण के बाद जरूर करें ये काम

05:52 PM, 05-Jun-2020

चंद्र ग्रहण कैसे लगता है

पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है और चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर चक्कर काटता है। ऐसे में जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूरज तीनों एक सीधी लाइन में आ जाते हैं तो तब सूर्य की सीधी रोशनी चंद्रमा नहीं पड़ती तब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने लगती है। इस स्थिति को चंद्र ग्रहण कहते हैं। उपच्छाया चंद्र ग्रहण की स्थिति में तीनों सीधी लाइन में नहीं होते हैं लेकिन तीनों ऐसी पोजीशन में होते है जहां पर पृथ्वी की सिर्फ एक हल्की छाया पड़ती है। जिससे चंद्रमा का एक हिस्सा मटमैला हो जाता है। इसी को उपच्छाया चंद्रग्रहण कहते हैं।

01:01 PM, 05-Jun-2020

Chandra Grahan 2020 : ऐसा होता है उपच्छाया चंद्र ग्रहण, जानें इससे जुड़ी सारी जानकारी

क्या होता है उपच्छाया चंद्र ग्रहण

  • खगोलशास्त्र और ज्योतिषशास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण तीन तरह का होता है- पूर्ण चंद्र ग्रहण, आंशिक चंद्र ग्रहण और उपच्छाया चंद्र ग्रहण। पूर्ण चंद्र ग्रहण में चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया से ढक जाता है। आंशिक चंद्र ग्रहण में चांद का कुछ हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढकता है। उपच्छाया चंद्र ग्रहण में चंद्रमा के कुछ हिस्सों पर एक धुंधली सी छाया पड़ती है जिसकी वजह से चंद्रमा आम दिनों की अपेक्षा मटमैला रंग का दिखाई देता है। इसी को उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहते हैं। इससे पहले इसी तरह का चंद्र ग्रहण 10 जनवरी भी लगा था। 5 जून के बाद 5 जुलाई को भी उपच्छाया चंद्र ग्रहण लगेगा।

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