मूल्य की जंग में पहले ही दिन गुड़ और शक्कर ने चीनी को मात दे दी। पहले दिन रिसाल सिंह, जय नारायण सिंह फर्म पर गुड़ खुरपा और गुड़ चाकू पहुंचा। इस गुड़ की खरीद फर्म के रामनिवास मित्तल ने की। मंडी में अचिंत मित्तल के प्रतिष्ठान पर तिगरी गांव के नसीम गुड़ लेकर पहुंचे। यहां व्यापारियों ने गुड़ लाने वाले कोल्हू संचालकों का स्वागत किया।
एक जनपद एक उत्पाद में शामिल
प्रदेश सरकार ने गुड़ के महत्व को देखते हुए इसे एक जनपद एक उत्पाद में शामिल किया है। जिले में गुड़ के उत्पादन और गुणवत्ता पर जिला उद्योग केंद्र लगातार कार्य कर रहा है।
15 अक्तूबर तक बढ़ जाएगी आवक
दि गुड़ खांडसारी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल का कहना है कि मंडी में गुड़ के सत्र का शुभारंभ हो गया है। अभी कम चार-पांच कोल्हू ही चले हैं, इसलिए आवक कम है, लेकिन 15 अक्तूबर तक गुड़ की आवक बढ़ जाएगी।
पुराना गुड़ बिक रहा 3500 रुपये
एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी ने बताया कि भंडार गृहों से गुड़ तेजी के साथ निकल रहा है। रेवड़ी और गजक का सीजन भी अब शुरू हो चुका है, ऐसे में पुराने गुड़ की खपत उसमें होने के चलते मांग बढ़ गई है। पुराना गुड़ भी इस समय 3500 रुपये क्विंटल बिक रहा है। अब गोदामों में बहुत कम पुराना गुड़ बचा है।