किसानों का बरसाती मटर तैयार होना शुरू हो गया है। भारी बरसात के कारण मटर को कई रोगों ने घेरना शुरू कर दिया है। ऐसे में किसान मटर की खेती को बचाने में लगे हैं। बरसात के कारण मटर में जड़ सड़न रोग और डाउनी मिल्डयू रोग का खतरा बढ़ रहा है। बरसात में सबसे ज्यादा डाउनी मिल्डयू रोग का खतरा रहता है। इसका जल्द इलाज न किया जाए तो यह रोग पूरे खेती की फसल को नष्ट कर रहा है।
मटर की फसल में सबसे ज्यादा धूप की जरूरत रहती है यह फसल धूप से तैयार होती है, लेकिन बरसात के कारण मटर में ज्यादा सिंचाई हो रही है। इसमें जड़ सड़न और डाउनी मिल्डयू रोग का खतरा पनप रहा है। बरसात के इस मौसम में कृषि विभाग का कहना है कि यह रोग एक खेत से दूसरे खेत में फैलने वाले रोग हैं। इनका इलाज जल्द न किया जाए तो वह पूरी फसल को नष्ट कर सकते हैं।
ऐसे होता है रोग
बरसात के कारण मटर में जड़ सड़न रोग और डाउनी मिल्डयू रोग का खतरा पनप रहा है। भारी बरसात के कारण पानी खेतों में पनप रहा है, जिससे मटर में ज्यादा सिंचाई के कारण यह लग रहा है। खेतों में गोबर की कमी के कारण खेतों में डाउनी मिल्डयू रोग का खतरा पनप रहा है।
ऐसे करे रोग का निपटारा
जड़ सड़न और डाउनी मिल्डयू रोग को मटर से दूर रखने के लिए खेतों के चारों ओर जलनिकासी नालियां बनाए और बीमारी अगर खेत में ज्यादा फैल गई हो तो सल्पर कीटनाशक का छिड़काव करें। अगर अभी जो किसान मटर बीज रहे हैं, वह धूप का इंतजार कर ही मटर की बिजाई करें।
जिला कृषि अधिकारी मोहेंद्र सिंह भवनी ने कहा कि मटर की फसल में बरसात के कारण जड़ सड़न और डाउनी मिल्डयू रोग का खतरा पनप रहा है। इसका यदि समय रहते इलाज न हो तो फसल नष्ट हो सकती है।