आजाद चुनाव जीतने वाले पार्षदों का प्रतिशत 10.94 रहा है। सामान्य श्रेणी के 17, अनुसूचित जाति (महिला) से सात, अनुसूचित जाति (ओपन) से पांच, अनुसूचित जनजाति (महिला) से छह, अनुसूचित जनजाति से (ओपन) एक, ओबीसी महिला वर्ग से छह, ओबीसी से (ओपन) पांच, महिला (अन्य) से 14, अनुसूचित जाति (पुरुष) दो और अनुसूचित जनजाति (पुरुष) वर्ग से एक पार्षद जीता।
सोलन में भाजपा और धर्मशाला में कांग्रेस को मिले ज्यादा वोट
परिणामों में कई दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं। हार के बावजूद सोलन में भाजपा को और धर्मशाला में कांग्रेस को ज्यादा वोट मिले हैं। धर्मशाला में भाजपा को कुल 34.14 प्रतिशत मत मिले, जबकि कांग्रेस को 34.58 फीसदी वोट मिले। सोलन में भाजपा ने हार के बावजूद मत प्रतिशतता में बढ़त बनाई है। यहां 17 वार्डों में भाजपा को 44.44 प्रतिशत, जबकि कांग्रेस को 43.18 प्रतिशत मत मिले। यहां कांग्रेस ने नौ सीटें हासिल कर नगर निगम पर कब्जा जमाया है। पालमपुर में कांग्रेस मत प्रतिशत में दस प्रतिशत आगे रही है। पालमपुर में कांग्रेस को 45 प्रतिशत तो भाजपा को 35 प्रतिशत मत मिले हैं। मंडी में भाजपा को 45.54 प्रतिशत और कांग्रेस को 31 प्रतिशत वोट मिले हैं।
मंडी, सोलन और पालमपुर में एससी के लिए मेयर पद आरक्षित
प्रदेश में चार नगर निगमों के चुनाव संपन्न होने के बाद अब यह तय हुआ है कि मंडी, सोलन और पालमपुर में मेयर का पद अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित होगा, जबकि धर्मशाला में सामान्य वर्ग से मेयर बनेगा। इसकी अधिसूचना प्रदेश सरकार ने जारी कर दी है। प्रधान सचिव शहरी विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक मेयर का पद ढाई साल के लिए आरक्षित रहेगा। चुनाव आयोग ने वार्ड पहले ही आरक्षित किए थे। उसी हिसाब से मेयर का पद आरक्षित किया गया है। चारों नगर निगमों में मेयर पद के लिए विजय पार्षदों में होड़ मच गई है।