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UP: चंदौली में इंटीग्रेटेड कोर्ट भवन का शिलान्यास, चीफ जस्टिस ने जलाए दीप; CM बोले- एक छत के नीचे सारे काम

Sat, 17 Jan 2026 03:11 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 17 Jan 2026 03:11 PM IST
सार

Chandauli News: जिले के न्यायिक इतिहास में नया अध्याय जुड़ गया। यहां से देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के छह जनपदों के एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया। 

Supreme Court Chief Justice S. Suryakant arrives in Chandauli receives grand welcome historic day
हर-हर महादेव से हुआ सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एस सूर्यकांत का स्वागत। - फोटो : संवाद
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विस्तार

    Chief Justice of India Suryakant in Chandauli: चंदौली में एकीकृत न्यायालय परिसर के शिलान्यास के लिए शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विक्रम नाथ पंकज मित्तल, मनोज मिश्रा, राजेश बिंदल के साथ हाई कोर्ट इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी पहुंचे। सीएम योगी आदित्यनाथ का भी आगमन हुआ। सारे अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया।



    मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। जिले के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। 286 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एकीकृत जिला न्यायालय भवन का शिलान्यास प्रस्तावित है। यह आधुनिक न्यायालय परिसर लगभग 35 बीघे क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा।  

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    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि इंटीग्रेटेड कोर्ट भवन का निर्माण 1500 करोड़ की लागत से होगा। यहां आने वाले वादकारियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। खास बात यह होगी कि एक छत के नीचे सारे काम होंगे। 
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    यहां अधिवक्ताओं के चैंबर भी बनेंगे। कैंटीन की सुविधा होगी, जजों के आवास का निर्माण होगा। सुविधाएं सहजता के साथ नागरिकों को मिलेंगी। अप्रैल 2027 तक कोर्ट परिसर बन जाएंगे। कोर्ट परिसर में ही जजों के आवास होंगे। वर्तमान में शामली, औरैया, हाथरस, महोबा, अमेठी में भी इंटीग्रेटेड कोर्ट भवन हैं। न्यायालय भवन का मॉडल भी सामने आ चुका है, जिसमें प्रस्तावित परिसर अत्यंत भव्य और आकर्षक नजर आ रहा है। 

    वादकारियों को मिलेगी व्यवस्था

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एस. सूर्यकांत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बनने वाला एकीकृत कोर्ट परिसर देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण और बेंचमार्क साबित होगा। उन्होंने कहा कि वे जब भी देश के किसी अन्य राज्य में जाएंगे, वहां उत्तर प्रदेश का उल्लेख जरूर करेंगे और यहां के न्यायिक ढांचे का उदाहरण देंगे।

    वे शनिवार को चंदौली में आयोजित कार्यक्रम में चंदौली सहित उत्तर प्रदेश के छह जनपदों के एकीकृत कोर्ट परिसर के शिलान्यास समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
    चीफ जस्टिस ने कहा कि एकीकृत कोर्ट परिसर आम आदमी के संवैधानिक सपनों को साकार करने जैसा है। यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें सुगम व सुलभ न्याय प्राप्त होगा। 

    उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था का मूल उद्देश्य यही है कि आम नागरिक को उसके नजदीक ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे वह न्याय के लिए संघर्ष कर सके। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि एकीकृत कोर्ट परिसर में महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग भवन और एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था भी की जाए। इससे अधिवक्ताओं के साथ-साथ न्यायालय आने वाले बुजुर्गों को भी वहीं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    286 करोड़ की भारी-भरकम लागत से बनने वाला यह एकीकृत न्यायालय भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। एक ही छत के नीचे सभी न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के चैंबर तथा वादकारियों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। 

    वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर संचालित न्यायिक कार्य एक ही परिसर में आने से समय की बचत होगी और आम जनता को न्याय सुलभ हो सकेगा। अधिवक्ताओं के लिए सुसज्जित चैंबर, भव्य सभागार, पार्क, फूड कोर्ट और पार्किंग की व्यवस्था होगी। यह भवन वादकारियों और अधिवक्ताओं को काफी सहूलियत प्रदान करेगा और न्याय प्रक्रिया में तेजी लाएगा।

    पीएम मोदी की तारीफ

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण से एक ही छत के नीचे न्याय से जुड़ी सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि इससे न्यायपालिका के इतिहास में एक नए पृष्ठ का सृजन हो रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दिन-रात कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नई मजबूती दी जा रही है। सीएम योगी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एस. सूर्यकांत ने एक बार सुझाव दिया था कि कोर्ट कॉम्प्लेक्स भी इंटीग्रेटेड होने चाहिए।

    शेष जनपदों में भी होंगे काम

    इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के 10 जनपदों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किया गया है, जहां इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इनमें से छह जनपदों के लिए धनराशि पहले ही जारी कर दी गई है और शनिवार को भूमिपूजन के साथ ही निर्माण कार्य शुरू हो गया है। शेष चार जनपदों में भी शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे जनहित के कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार न्यायपालिका को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण विश्वप्रसिद्ध संस्था एलएंडटी  द्वारा कराया जाएगा, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।

    सीएम योगी ने कार्यक्रम में उपस्थित सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों का स्वागत करते हुए कहा कि चंदौली सहित पूरे उत्तर प्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है। उन्होंने काशी विश्वनाथ की पावन धरती और प्रदेश की जनता की ओर से सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण से न्याय प्रक्रिया और अधिक सुगम, पारदर्शी और आम जनता के लिए सुलभ बनेगी, जिससे प्रदेश में कानून के शासन को और मजबूती मिलेगी।

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