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यूपी: असमय हुई बारिश से अवध में पांच की जान गई, सीएम ने प्रभावितों को तत्काल मुआवजा देने के दिए निर्देश

Thu, 10 Apr 2025 08:52 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 10 Apr 2025 08:52 PM IST
सार

Five deaths in Awadh: यूपी के अवध क्षेत्र में गुरुवार को असमय हुई बारिश से कई मौतें हुईं। इसके साथ ही साथ गेहूं की फसल बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई। सीएम ने तत्काल मुआवजा देने की बात कही है। 

UP: Five deaths in Awadh due to untimely rain, CM gave instructions to give immediate compensation to the aff
बारिश से फसल हुई प्रभावित। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

    अवध के विभिन्न जिलों में बृहस्पतिवार को अचानक बदले मौसम के दौरान हुए हादसाें में पांच लोगों की जान चली गई। अमेठी के जंगल रामनगर इमरती निवासी जसवंत सिंह की पत्नी प्रभावती (65) बृहस्पतिवार दोपहर खेत गई थीं तभी आंधी और बारिश के बीच बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई। वहीं सीतापुर के बिसवां में बिजली गिरने से किसान हरिश्चंद्र भार्गव (23) की मौत हो गई और सकरन में तेज बारिश के दौरान कच्चे मकान की दीवार ढहने से कुसुमा देवी (55) ने दम तोड़ दिया। उधर गोंडा के मोतीगंज इलाके में बृहस्पतिवार को बिजली कड़कने की आवाज से घबराए किशोर जैद खान (14) के कान से अचानक खून बहने लगा और वह बेहोश हो गया। परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। दूसरी ओर देवा कोतवाली क्षेत्र के दफेदारपुरवा में आंधी के दौरान टिनशेड़ को उड़ने से बचाने के लिए नौमीलाल (45) ने उसे पकड़ लिया। इसी दौरान तेज झोंके के साथ टिनशेड उड़ा और नौमीलाल की शर्ट उसमें फंस गई और वह भी टिनशेड समेत सामने एक मकान की दीवार से जा टकराए। बुरी तरह जख्मी हुए नौमीलाल ने कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।


     

    यूपी: शुक्रवार को प्रदेश के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट, 40 जिलों में वज्रपात और 14 जिलों में आंधी की चेतावनी

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    योगी ने आपदा प्रभावितों को तत्काल मुआवजा देने का दिया निर्देश

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार देर रात से प्रदेश में खराब मौसम, तेज हवा और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए सर्वे कराने और संबंधित विभाग को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया, ताकि 24 घंटे में प्रभावित किसानों के खाते में क्षतिपूर्ति की धनराशि भेजी जा सके। उन्होंने क्षतिपूर्ति देने में लापरवाही न बरतने की की चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    मालूम हो कि 9 अप्रैल की आधी रात को अचानक मौसम खराब हो गया था। तेज आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की से नुकसान के बाद सीएम ने अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। सीएम के निर्देश पर राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान की क्षतिपूर्ति का मुआवजा किसानों को देने के लिए प्रदेश के सभी डीएम, एसडीएम और तहसीलदारों को मौके पर जाकर सर्वे करने के निर्देश दिया है। साथ ही जल्द से जल्द विभाग के पोर्टल पर सर्वे रिपोर्ट लगाने के निर्देश दिये हैं। बता दें कि बाढ़, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से 33 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त फसलों से प्रभावित किसानों को ही मुआवजा दिया जाता है। मुआवजा बीमा कंपनियों के साथ राजस्व विभाग द्वारा भी दिया जाता है। राहत विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए अलर्ट जारी किया है और लोगों से अति आवश्यक कार्य होने पर ही घर से निकलने की अपील की है।

    चंद घंटाें में दिया मुआवजा

    लखीमपुर खीरी में बुधवार शाम को तहसील गोला के ग्राम खजुहा, परगना कुकरा में अचानक भीषण आग से कई बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही लखीमपुर खीरी जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लिया अधिकारियों को तत्काल नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट डीएम ऑफिस में देने को कहा। डीएम ने कुछ ही घंटों में प्रभावित किसानों को राहत देते हुए मुआवजे का चेक दे दिया।

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    योगी ने आंधी–बारिश, ओलावृष्टि के दृष्टिगत तत्काल राहत कार्य शुरू करने का दिया निर्देश

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी–बारिश,ओलावृष्टि के दृष्टिगत संबंधित जिलों के अधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर सर्वे करें और राहत कार्य पर नजर रखें। आकाशीय बिजली, आंधी तूफान, बारिश, वज्रपात आदि आपदा से जनहानि और पशुहानि होने की स्थिति में तत्काल प्रभावितों को राहत राशि का वितरण करें। घायलों का समुचित उपचार कराया जाए।

    मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि वर्तमान में गतिमान गेहूं की सरकारी खरीद के दृष्टिगत मंडियों सहित सभी खरीद केंद्रों पर गेहूं के सुरक्षित भंडारण का पूरा ध्यान रखा जाए। अधिकारी सर्वे कराकर फसल नुकसान का आकलन करते हुए आख्या शासन को भेजें, ताकि इस संबंध में आगे की कार्यवाही की जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि जल जमाव की स्थिति होने पर प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए।

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