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Ambala News: 23,536 मामले निपटाए और 5.5 करोड़ का भुगतान विवाद सुलझा
एडीआर सेंटर पहुंचे लोगों को समझाते सीजेएम प्रवीण। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। अदालत जिला न्यायालय और नारायणगढ़ सब-डिवीजन में लगाईं गईं। इनमें सुलह-समझौते का बड़ा रिकॉर्ड बना है।
इस विशेष अदालत में लंबित पड़े 23,536 मामलों का निपटान आपसी सहमति से किया गया। इस दौरान 5 करोड़ 5 लाख 41 हजार 793 रुपये की राशि का भुगतान भी संबंधित पक्षों को करवाया गया।
इन समझौतों के बाद कोर्ट कचहरी के चक्कर काट रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। वहीं लोक अदालत शुरू होने के कुछ देर बाद इस बार भी सैकड़ों लोग एडीआर सेंटर पहुंच गए। उनका कहना था कि बिजली, पानी के बिल लोक अदालत में माफ हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को प्राधिकरण के सचिव व सीजेएम प्रवीण ने समझाया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी बिल लोक अदालत में माफ नहीं होता है। लोगों ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए पता चला था कि इसमें बिल माफ हो रहे हैं।
लोगों ने दिखाई रील : गलत सूचना पाकर एडीआर सेंटर पहुंचे लोगों ने सीजेएम को वीडियो भी दिखाई जिसमें बताया जा रहा है कि लोक अदालत में बिजली-पानी के बिल माफ हो जाते हैं। लोगों ने मांग की कि ऐसे सोशल मीडिया चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इस पर सीजेएम ने कहा कि ऐसा दूसरी बार हुआ है जब लोग भ्रामक सूचना पर परेशान हो रहे हैं।
अंबाला। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। अदालत जिला न्यायालय और नारायणगढ़ सब-डिवीजन में लगाईं गईं। इनमें सुलह-समझौते का बड़ा रिकॉर्ड बना है।
इस विशेष अदालत में लंबित पड़े 23,536 मामलों का निपटान आपसी सहमति से किया गया। इस दौरान 5 करोड़ 5 लाख 41 हजार 793 रुपये की राशि का भुगतान भी संबंधित पक्षों को करवाया गया।
इन समझौतों के बाद कोर्ट कचहरी के चक्कर काट रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। वहीं लोक अदालत शुरू होने के कुछ देर बाद इस बार भी सैकड़ों लोग एडीआर सेंटर पहुंच गए। उनका कहना था कि बिजली, पानी के बिल लोक अदालत में माफ हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को प्राधिकरण के सचिव व सीजेएम प्रवीण ने समझाया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी बिल लोक अदालत में माफ नहीं होता है। लोगों ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए पता चला था कि इसमें बिल माफ हो रहे हैं।
लोगों ने दिखाई रील : गलत सूचना पाकर एडीआर सेंटर पहुंचे लोगों ने सीजेएम को वीडियो भी दिखाई जिसमें बताया जा रहा है कि लोक अदालत में बिजली-पानी के बिल माफ हो जाते हैं। लोगों ने मांग की कि ऐसे सोशल मीडिया चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इस पर सीजेएम ने कहा कि ऐसा दूसरी बार हुआ है जब लोग भ्रामक सूचना पर परेशान हो रहे हैं।

एडीआर सेंटर पहुंचे लोगों को समझाते सीजेएम प्रवीण। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। अदालत जिला न्यायालय और नारायणगढ़ सब-डिवीजन में लगाईं गईं। इनमें सुलह-समझौते का बड़ा रिकॉर्ड बना है।
इस विशेष अदालत में लंबित पड़े 23,536 मामलों का निपटान आपसी सहमति से किया गया। इस दौरान 5 करोड़ 5 लाख 41 हजार 793 रुपये की राशि का भुगतान भी संबंधित पक्षों को करवाया गया।
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इन समझौतों के बाद कोर्ट कचहरी के चक्कर काट रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। वहीं लोक अदालत शुरू होने के कुछ देर बाद इस बार भी सैकड़ों लोग एडीआर सेंटर पहुंच गए। उनका कहना था कि बिजली, पानी के बिल लोक अदालत में माफ हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को प्राधिकरण के सचिव व सीजेएम प्रवीण ने समझाया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी बिल लोक अदालत में माफ नहीं होता है। लोगों ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए पता चला था कि इसमें बिल माफ हो रहे हैं।
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लोगों ने दिखाई रील : गलत सूचना पाकर एडीआर सेंटर पहुंचे लोगों ने सीजेएम को वीडियो भी दिखाई जिसमें बताया जा रहा है कि लोक अदालत में बिजली-पानी के बिल माफ हो जाते हैं। लोगों ने मांग की कि ऐसे सोशल मीडिया चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इस पर सीजेएम ने कहा कि ऐसा दूसरी बार हुआ है जब लोग भ्रामक सूचना पर परेशान हो रहे हैं।
अंबाला। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। अदालत जिला न्यायालय और नारायणगढ़ सब-डिवीजन में लगाईं गईं। इनमें सुलह-समझौते का बड़ा रिकॉर्ड बना है।
इस विशेष अदालत में लंबित पड़े 23,536 मामलों का निपटान आपसी सहमति से किया गया। इस दौरान 5 करोड़ 5 लाख 41 हजार 793 रुपये की राशि का भुगतान भी संबंधित पक्षों को करवाया गया।

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