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Russia Ukraine War: जेलेंस्की ने कहा- नाटो अपने एक फीसदी टैंक और विमान हमें दे, तो नाकाम कर देंगे रूसी हमले

Mon, 28 Mar 2022 04:58 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, लवीव/ मॉस्को

सार

पश्चिमी देश कई बार आग्रह के बावजूद यूक्रेन को बड़े हथियार नहीं दे रहे हैं। उन्होंने एंटी टैंक और एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलों के साथ छोटे हथियार तो दिए, पर टैंक, विमान, दूर तक मार करने वाली मिसाइलों जैसे भारी हथियार देने से परहेज किया है।  उधर, किसी बड़े यूक्रेनी शहर पर कब्जा करने में विफल रहने के बाद शनिवार को रूस ने कहा था कि वह दोनबास की मुक्ति पर ध्यान केंद्रित करेगा।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के हमलों को नाकाम करने के लिए अमेरिका समेत पश्चिमी देशों से टैंक, विमान और मिसाइलों की मदद मांगी है। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, नाटो महज एक फीसदी अपने विमान व टैंक ही यूक्रेन को सौंप दे, तो हम सबक सिखा देंगे। उन्होंने कहा, ये भारी हथियार वैसे भी भंडारों में धूल खा रहे हैं। हम 31 दिन से इंतजार कर रहे हैं। यूरो-अटलांटिक समुदाय का प्रभारी कौन है? क्या सच में मॉस्को से सब डर रहे हैं?

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गौरतलब है कि पश्चिमी देश कई बार आग्रह के बावजूद यूक्रेन को बड़े हथियार नहीं दे रहे हैं। उन्होंने एंटी टैंक और एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलों के साथ छोटे हथियार तो दिए, पर टैंक, विमान, दूर तक मार करने वाली मिसाइलों जैसे भारी हथियार देने से परहेज किया है।  उधर, किसी बड़े यूक्रेनी शहर पर कब्जा करने में विफल रहने के बाद शनिवार को रूस ने कहा था कि वह दोनबास की मुक्ति पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसके बाद, लुहांस्क शहर के स्थानीय अलगाववादी नेता ने बयान दिया कि उनका क्षेत्र जल्द ही रूस के साथ विलय के पक्ष में जनमत संग्रह कराएगा। 
जनमत संग्रह की आड़ में यूक्रेन को बांटने का आरोप यूक्रेन की सेना ने आरोप लगाया कि रूस जनमत संग्रह की आड़ में यूक्रेन को दो हिस्सों में बांटना चाहता है। सैन्य इंटेलिजेंस के प्रमुख कीरिलो बुदानोव ने कहा, यह यूक्रेन में उत्तर व दक्षिण कोरिया बनाने का प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया, यूक्रेनी सेनाएं रूस को पीछे धकेल देंगी और गुरिल्ला लड़ाई का दौर भी जल्द शुरू होगा। तब रूसियों के लिए सिर्फ जान बचाने का तरीका तलाशने की स्थिति ही बचेगी।
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1104 नागरिकों की मौत संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, रूसी हमले में यूक्रेन में अब तक 1104 नागरिकों की मौत हो चुकी है। 1754 घायल हैं। मृतकों में 139 बच्चे हैं। 205 बच्चे घायल हैं। दोनों देश युद्धग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को निकालने के लिए दो मानवीय गलियारे बनाने पर राजी हुए हैं। इसके अलावा, मैरियूपोल से लोगों को अपनी कारों से निकलने देने पर भी सहमति बनी है।
यूक्रेन-रूस में नए दौर की बातचीत आज से तुर्की में लवीव। यूक्रेन के वार्ताकारों ने कहा है कि रूस के साथ अगले दौर की वार्ता तुर्की में 28-30 मार्च को होगी। वार्ताकार डेविड अर्खामिया ने सोशल मीडिया पर रविवार को यह जानकारी दी। यूक्रेन ने रूस के साथ पहले हुई बातचीत को बेहद कठिन करार दिया है। एजेंसी तेल-अनाज भंडारों पर मिसाइल हमले रूस ने यूक्रेन के अनाज और तेल भंडारों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। लवीव और रिव्ने में रूसी सेना ने कई मिसाइल हमले करके तेल भंडारों को तबाह किया है। इसके अलावा अनाजों के गोदामों पर भी मिसाइलें दागी गई गई हैं।

  • रूस के मिसाइल हमले में यूक्रेन के रिव्ने इलाके में एक तेल डिपो पूरी तरह तबाह हो गया है। रिव्ने के गवर्नर विताली कोवल ने बताया कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है। इससे पहले पोलैंड सीमा के पास स्थित लवीव में भी एक तेल डिपो पर तीन क्रूज मिसाइलें दागी गईं। मिसाइल हमलों के बाद तेल भंडार से आग की भयानक लपटे उठतीं दिखाई दीं।
  • इससे पहले रूस ने खारकीव, कीव और आसपास के इलाकों में अनाज के गोदामों पर भी रॉकेट हमले किए थे। पिछले दिनों रूसी हमले में खाद्य तेलों का गोदाम भी तबाह हो चुका है।
  • दो लाख लोगों ने ली लवीव में शरण: लवीव पर ताजा हमलों से साफ संकेत मिलता है कि वह यूक्रेन में किसी भी जगह हमला कर सकता है। रूसी हमले में यूक्रेनी तेल कंपनी के भंडार का बड़ा हिस्सा जल गया। यहां अपने गृहनगरों को छोड़कर आए करीब 2,00,000 लोगों ने आश्रय लिया हुआ है। यूक्रेन पर रूसी हमले शुरू होने के बाद से लवीव पर हमले नहीं हुए थे, लेकिन पिछले सप्ताह विमान सुधार केंद्र पर एक मिसाइल गिरी थी। वहीं, चेर्निहीव में रुके रह गये बाशिंदे विस्फोटों से सहमे हुए हैं।

जेलेंस्की की पत्नी का रूसी माताओं से भावुक सवाल, बच्चों के हिस्से मौत क्यों यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की पत्नी ओलेना जेलेंस्का ने अपने देश पर हमले करने वाले रूस की मांओं के नाम भावुक पत्र लिखकर कहा है किसी भी मां के जीवन में उसके लिए सबसे ज्यादा कीमती चीज क्या होता है? मेरे ख्याल में हर किसी का यही उत्तर होगा, उनके बच्चे। मगर ये खतरनाक जंग इन बच्चों के लिए मौत लेकर आई है।
उन्होंने सवाल किया कि इन बच्चों के हिस्से मौत क्यों दी जा रही है। इस जंग में अब तक सौ से ज्यादा बच्चों को मौत हो चुकी है और दस लाख से ज्यादा मासूमों के देश छोड़कर जाना पड़ा है। ओलेना ने अपने पत्र में कहा, मौत’ और ‘बच्चे’ यह दोनों ऐसे शब्द हैं जो आज साथ-साथ चल रहे हैं। एक मां के तौर पर यह शब्द एक साथ बोल पाना भी मेरे लिए नामुमकिन सा लगता है। मेरे लिए इसका मतलब है टूटे हुए दिल, टूटे परिवार और टूटी हुई किस्मत। पुतिन की सत्ता को बाइडन की चुनौती पर पलटा अमेरिका अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की तरफ से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सत्ता में बने रहने को लेकर दी गई चुनौती पर क्रेमलिन की तरफ से विरोध जताते ही अमेरिका अपने सख्त रुख से पलट गया है। बाइडन के बयान पर सफाई देते हुए व्हाइट हाउस ने रविवार को सफाई दी कि बाइडन कहना चाहते थे पुतिन निरंकुश होकर पड़ोसी देशों पर ताकत का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। इससे पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने विरोध जताते हुए कहा, रूस में कौन राष्ट्रपति रहेगा, यह रूसी लोग तय करेंगे, बाइडन नहीं।
बाइडन ने पोलैंड में शनिवार को कहा था कि पुतिन कसाई हैं। उन्हें सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। व्हाइट हाउस के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने भी कहा, अमेरिका पहले भी साफ कर चुका है कि रूस में तख्तापलट या रूस के आंतरिक मामलों में दखल देने का कोई इरादा नहीं रखता है। जाहिर है कि यह रूस के लोगों को ही तय करना है।

अमेरिका ने कहा, भारत को साथ लाने की कोशिश जारी यूक्रेन संकट पर भारत के रुख से परेशान अमेरिका ने कहा है कि उसे उम्मीद है कि वह नई दिल्ली को अपने साथ लाने में सफल हो जाएगा। व्हाइट हाउस सुरक्षा सलाहकार समिति में हिंद-प्रशांत के निदेशक मिरा रैप-हूपर ने कहा कि हम भारत को साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं। जल्द ही वह भी रूस के खिलाफ रुख अपनाने की जरूरत समझेगा। भारत अब तक यूक्रेन पर संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासभा में आए सभी प्रस्तावों पर मतदान से गैरहाजिर रहा है। विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला कह चुके हैं कि इस मसले पर भारत अपने हित देखते हुए ही फैसला करेगा। 

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