मोहम्मद यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश और चीन के बीच आर्थिक साझेदारी की बड़ी संभावनाएं हैं और वे स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। यूनुस ने अपनी बातचीत में पिछले साल के छात्र आंदोलन और शेख हसीना सरकार के पतन का भी जिक्र किया।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शनिवार को अपनी चार दिवसीय चीन यात्रा खत्म होने के मौके पर कहा कि उनके देश के लिए चीन को एक अच्छे मित्र के रूप में देखना ‘महत्वपूर्ण’ है और उन्हें उम्मीद है कि ढाका और बीजिंग के बीच संबंध एक नए चरण में प्रगति करेंगे। मोहम्मद यूनुस ने आगे कहा कि, 'हमारा रिश्ता वर्षों से बहुत मजबूत रहा है। हमारा व्यापारिक सहयोग अच्छा है और हम चीन के साथ साझेदारी से लाभान्वित हो रहे हैं।'
चीन से और निवेश की मांग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए चीन से अधिक निवेश की मांग की। उन्होंने कहा कि चीन बांग्लादेश के लिए एक संतुलनकारी शक्ति के रूप में काम कर सकता है। मोहम्मद यूनुस और शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसमें आर्थिक और तकनीकी सहयोग, संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में साझेदारी, जल संसाधन प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण में सहयोग शामिल है।
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इसके अलावा, तीस्ता नदी प्रबंधन परियोजना में चीनी कंपनियों के शामिल होने का भी स्वागत किया गया। बता दें कि, पहले की शेख हसीना सरकार इस परियोजना को भारत के सहयोग से पूरा करना चाहती थी, लेकिन अब चीन इसमें भूमिका निभाने को तैयार है।
बांग्लादेश में चीनी निवेश और मेडिकल टूरिज्म
मौजूदा समय में एक हजार से अधिक चीनी कंपनियां बांग्लादेश में काम कर रही हैं। चीन से बांग्लादेश का आयात लगातार बढ़ रहा है। बांग्लादेश के कई मरीज इलाज के लिए भारत जाते हैं, लेकिन अब चीन इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना चाहता है। वहीं चटगांव से चीन के कुनमिंग शहर के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि बांग्लादेशी मरीज चीन में इलाज करा सकें।
मोहम्मद यूनुस अब थाईलैंड में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की इच्छा जताई है, लेकिन अभी भारत की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।