पाकिस्तान में आठ फरवरी को आम चुनाव है। तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जीत के लिए कमर कस ली है। वहीं दूसरी ओर, जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, पाकिस्तान में आतंकी विस्फोट होने शुरू हो गए हैं। शुक्रवार को पाकिस्तान में 11 बम धमाके हुए जिनमें से एक चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर हुआ। इसी बीच, आतंकी घटनाएं बढ़ने के चलते अमेरिका ने पाकिस्तान जाने वाले अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिसमें अमेरिकी नागरिकों को सावधानी बरतने की बात कही गई है।
अमेरिका ने भीडभाड़ वाले इलाके से दूर रहने की दी सलाह
पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को एक चेतावनी जारी की। जिसमें उन्होंने अपने नागरिकों से राजनीतिक रैलियों में शामिल न होने की बात कही हैं। साथ ही कहा कि आठ फरवरी को पाकिस्तान में आम चुनाव है, जिसके चलते मतदान केंद्रों के आस-पास भीड़ ज्यादा होगी। अमेरिका ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वह ऐसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें। चेतावनी में अमेरिका ने कहा कि चुनाव के मद्देनजर पाकिस्तान के कई इलाकों में यातायात सेवाएं बाधित रह सकती हैं। जिसके कारण समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका की अपने नागरिकों को लेकर यह एडवाइजरी ऐसे समय पर आई जब बीते शुक्रवार पाकिस्तान 11 बम धमाकों से दहल उठा था। पाकिस्तान में आम चुनाव को महज 4 दिन ही बचें हैं। इसी बीच, देशभर में आतंकी गतिविधियाएं, घटनाएं बढ़ने लगी हैं। ऐसे में अमेरिका ने पाकिस्तान जाने वाले नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है।
पाकिस्तान में आम चुनाव की सभी तैयारियां पूरी- चुनाव आयोग
आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव से जुड़ी तैयारियों पर बोलते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि चुनाव से संबंधित सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। नेशनल असेंबली और चार प्रांतीय विधानसभाओं के सभी निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 260 मिलियन से अधिक मतपत्रों की छपाई भी शामिल है। चुनाव आयोग पाकिस्तान (ईसीपी) के मुताबिक, नेशनल असेंबली और चार प्रांतीय विधानसभाओं के लिए 120 मिलियन से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं और देश भर में 90,675 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 41,403 संयुक्त मतदान केंद्र शामिल हैं, जबकि 25,320 पुरुषों मतदाताओं के लिए और 23,952 महिला मतदाताओं के लिए हैं। साथ ही नेशनल असेंबली और चार प्रांतीय असेंबली के लिए कुल लगभग 18,000 उम्मीदवार दौड़ में हैं।
श्रीलंका पहुंची भारतीय पनडुब्बी आईएनएस करंज
श्रीलंका के स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले भारतीय नौसेना की पनडुब्बी आईएनएस करंज बृहस्पतिवार को कोलंबो पहुंची। रविवार को श्रीलंका 76वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। दो दिवसीय दौरे पर पनडुब्बी का श्रीलंका नौसेना ने स्वागत किया। श्रीलंकाई नौसेना ने कहा कि आईएनएस करंज का स्वतंत्रता दिवस पर कोलंबो पहुंचना भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत समुद्री संबंधों को व्यक्त करता है। 67.5 मीटर लंबी इस पनडुब्बी के कमांडर अरुणाभ हैं। इसमें कुल 53 लोग सवार हैं। आईएनएस करंज 5 फरवरी को कोलंबो से रवाना हो जाएगी
हथियारों से लैस क्रूज मिसाइलों का उत्तर कोरिया ने किया परीक्षण
उत्तर कोरिया ने कहा कि उसने नए प्रकार की विमान रोधी मिसाइल के साथ ही ऐसी क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया है जो नए ‘बड़े’ हथियारों से लैस है। उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया में शनिवार को यह रिपोर्ट तब आई है जब एक दिन पहले दक्षिण कोरिया की सेना ने बताया कि उसने उत्तर कोरिया द्वारा पश्चिमी तट पर समुद्र में कई क्रूज मिसाइलों के परीक्षण का पता लगाया है। यह 2024 में इस तरह के हथियारों का देश का चौथे चरण का परीक्षण है।
कांगो : सशस्त्र गुट का संयुक्त राष्ट्र के हेलिकॉप्टर पर हमला
पूर्वी कांगो में एक सशस्त्र गुट के सदस्यों ने संयुक्त राष्ट्र के एक हेलिकॉप्टर पर गोलीबारी की, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के दो शांति रक्षक घायल हो गए। संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा विभाग को आशंका है कि यह हमला मसीसी क्षेत्र में उत्तर कीवू प्रांत के करुबा क्षेत्र में एम23 विद्रोही समूह ने किया। पूर्वी कांगो में 120 से अधिक समूह सत्ता, जमीन और कीमती खनिज संसाधनों के लिए लड़ रहे हैं जिसके कारण वहां दशकों से हिंसा का दौर जारी है। दुजारिक ने बताया कि जिस हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया गया, वह किसी तरह गोमा में सुरक्षित उतरा।
आईसीजे कर सकता है यूक्रेन में जनसंहार पर रूस विरोधी सुनवाई
संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, यूक्रेन द्वारा यह घोषणा करने के अनुरोध पर फैसला देना उसके अधिकार क्षेत्र में है कि यूक्रेन नरसंहार के लिए जिम्मेदार नहीं है, लेकिन रूस के खिलाफ यूक्रेन के मामले के अन्य पहलुओं पर नहीं। दोनों देशों ने कई बार एक-दूसरे पर नरसंहार का आरोप लगाया है। रूस द्वारा फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला किया गया था और इसके कुछ दिनों बाद ही यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीजे) में मामला दायर कर आरोप लगाया कि रूस ने हमले को सही ठहराने के लिए नरसंहार के झूठे दावों का इस्तेमाल किया, जिसने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यूरोप में सबसे बड़ा संघर्ष शुरू किया। लेकिन अदालत ने कहा कि वह इस मुद्दे पर फैसला नहीं दे सकती। इसके बजाय वह यह फैसला देगा कि क्या यूक्रेन ने संधि का उल्लंघन किया है, जैसा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आक्रमण को उचित ठहराने का दावा किया था। हालांकि अब भी कानूनी रूप से बाध्यकारी निर्णय आने में वर्षों का समय लग सकता है।
अमेरिका-भारत फोरम ने कहा, भारत लाल सागर संकट से उबरने में सक्षम
अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच ने कहा है कि लाल सागर संकट का भारत में मुद्रास्फीति या वस्तुओं की कमी के लिहाज से कोई असर नहीं होगा। अमेरिका और यूरोप से एशिया आने वाले जलपोत लाल सागर में मिसाइलों की चपेट में आने से बचने के लिए लंबा चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इससे यात्रा का समय बढ़ा है, जहाजों की उपलब्धता पर असर पड़ा है और माल ढुलाई तथा बीमा लागत में वृद्धि हुई है। मंच ने हालांकि कहा है कि लाल सागर संकट का कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। साझेदारी मंच के अध्यक्ष और सीईओ मुकेश अघी ने कहा, भारत इससे उबरने में सक्षम है। वैश्विक व्यापार का लगभग 15 प्रतिशत लाल सागर से होता है। लाल सागर मार्ग का उपयोग नहीं करने पर समय दोगुना हो जाता है।
कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद ने राममंदिर की बीबीसी रिपोर्टिंग पर चिंता जताई
ब्रिटेन में कंजर्वेटिव पार्टी भी भारतीय मूल के लोगों की भावनाओं का सम्मान कर उन्हें अपना समर्थन दे रही है। पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने राम मंदिर को लेकर ब्रिटिश मीडिया ‘बीबीसी’ की पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग पर चिंता जताई। उन्होंने ब्रिटिश संसद में बोलते हुए कहा, बीबीसी ने अपने कवरेज में मस्जिद के विनाश को ज्यादा दिखाया जबकि वहां हजारों साल पहले हिंदू मंदिर मौजूद रहा है। सांसद ब्लैकमैन ने कहा, पिछले हफ्ते अयोध्या में राममंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा भगवान राम का जन्मस्थान होने के नाते दुनिया भर के हिंदुओं के लिए बहुत खुशी की बात है। लेकिन बहुत दुख की बात है कि बीबीसी ने अपने कवरेज में अन्य पक्ष को महत्व दिया।
कानूनी दिक्कतों से बचने को ट्रंप ने उड़ाए करोड़ों डॉलर
अमेरिका में संघीय चुनाव आयोग की नई फाइलिंग के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ऊपर लगे मुकदमों में पिछले दो वर्ष के भीतर वकीलों पर 7.6 करोड़ डॉलर खर्च किए हैं। ट्रंप की ‘सेव अमेरिका पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ ने गत वर्ष न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल के नागरिक धोखाधड़ी मामले में एक विशेषज्ञ गवाह के रूप में अकेले बार्टोव को ही करीब 9.30 लाख डॉलर का भुगतान कर दिया। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति के रियल एस्टेट साम्राज्य को खतरा था। चुनाव आयोग फाइलिंग के एसोसिएटेड प्रेस विश्लेषण से पता चलता है कि बार्टोव को किया गया भुगतान ट्रंप की राजनीतिक धन उगाहने वाली मशीन ने किया। यह खर्च ऐसे वक्त में किया गया जब ट्रंप कई मुकदमों और चार आपराधिक मामलों में दर्जनों गंभीर आरोपों से जूझ रहे थे। भुगतान का बड़ा हिस्सा ‘सेव अमेरिका’ से आया, समिति का 84% खर्च कानूनी लागतों में चला गया। ट्रंप के राष्ट्रपति अभियान सेव अमेरिका और उनके अन्य धन उगाहने वाले संगठनों ने दो वर्षों में कानूनी फीस के लिए 7.67 करोड़ डॉलर खर्च किए हैं। यह भारी रकम ट्रंप के सामने आने वाले कानूनी खतरे को रेखांकित करती है।