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World Updates: पाकिस्तान में पोलियो वायरस के पांच नए मामले आए सामने, स्वास्थ्य अधिकारियों की बढ़ी चिंता

Thu, 07 May 2026 09:56 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
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world updates - फोटो : अमर उजाला
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पाकिस्तान में पोलियो वायरस एक बार फिर गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कराची के सीवेज और अन्य स्थानों से लिए गए पांच नमूनों में पोलियो वायरस की पुष्टि हुई है। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।  सिंध में आयोजित एक परामर्श बैठक के दौरान शहरयार मेमन ने बताया कि कराची में वायरस की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि संक्रमण अब भी फैल रहा है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर कम संक्रमण वाले मौसम में भी वायरस का सक्रिय रहना बेहद चिंताजनक है और इसके लिए तत्काल सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
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यह बैठक सिंध इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ एंड नियोनेटोलॉजी (एसआईसीएचएन) में आयोजित की गई थी, जिसमें यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, पाकिस्तान पीडियाट्रिक एसोसिएशन और पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन सहित कई संस्थाओं के विशेषज्ञ शामिल हुए। डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि जॉर्ज ने कहा कि अफ्रीका में सफल साबित हुई रणनीतियों को अब पाकिस्तान में भी लागू किया जा रहा है, ताकि वायरस के प्रसार को रोका जा सके। पिछले सप्ताह खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से पोलियो के दो नए मामले सामने आए थे। इनमें एक मामला बन्नू और दूसरा उत्तरी वजीरिस्तान से जुड़ा है। इस साल अब तक पाकिस्तान में पोलियो के कुल तीन मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों की पुष्टि राष्ट्रीय पोलियो निगरानी नेटवर्क और डब्ल्यूएचओ से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला द्वारा की गई। पाकिस्तान और अफगानिस्तान दुनिया के वे दो देश हैं जहां अब भी पोलियो के मामले सामने आते हैं। पोलियो उन्मूलन अभियान के सामने सुरक्षा चुनौतियां भी लगातार बनी हुई हैं। हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में टीकाकरण टीमों पर हमले हुए, जिनमें पुलिसकर्मी मारे गए और कुछ स्वास्थ्यकर्मियों का अपहरण भी किया गया। इसके अलावा, टीके को लेकर फैली गलत जानकारी और अभिभावकों की ओर से टीके से इनकार भी बड़ी समस्या बना हुआ है। केवल कराची में ही लगभग 31 हजार परिवारों ने पोलियो ड्रॉप्स लेने से मना कर दिया, जो पूरे देश के कुल इनकार मामलों का करीब 58 प्रतिशत है।
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क्या अर्जेंटीना से फैला हंतावायरस? क्रूज जहाज पर मौतों के बाद जांच तेज
दक्षिण अटलांटिक में चल रहे लक्जरी क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर हंतावायरस संक्रमण फैलने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट पर हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस संक्रमण की शुरुआत अर्जेंटीना से हुई थी, जहां से यह अंटार्कटिका यात्रा शुरू हुई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले से ही अर्जेंटीना को लैटिन अमेरिका में हंतावायरस के सबसे अधिक मामलों वाले देशों में गिनता है। अर्जेंटीना के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जून 2025 से अब तक देश में 101 संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुने हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, दक्षिण अमेरिका में पाया जाने वाला एंडीज वायरस हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम नामक गंभीर फेफड़ों की बीमारी पैदा करता है, जो कई मामलों में जानलेवा साबित हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष में संक्रमित मरीजों में करीब एक-तिहाई की मौत हुई है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि क्रूज जहाज के कई यात्रियों में यह वायरस पाया गया है। अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति दक्षिण अफ्रीका में आईसीयू में भर्ती है। इसके अलावा कुछ अन्य यात्रियों का विभिन्न देशों में इलाज जारी है।

हंतावायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों के मूत्र, लार या मल के संपर्क से फैलता है और सामान्यतः मानव-से-मानव संक्रमण दुर्लभ होता है, हालांकि कुछ मामलों में सीमित संक्रमण के संकेत मिले हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अर्जेंटीना ने स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, नीदरलैंड और अन्य देशों को जांच सामग्री और वायरस के नमूने भेजने का निर्णय लिया है ताकि संक्रमित यात्रियों की पहचान की जा सके। WHO के अनुसार, अब तक क्रूज जहाज पर तीन यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिससे वैश्विक चिंता और बढ़ गई है।
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नेपाल: चीन की मदद से बने एयरपोर्ट निर्माण में भ्रष्टाचार, पूर्व वित्त मंत्री और चीनी कंपनी पर केस दर्ज
नेपाल की शीर्ष भ्रष्टाचार निरोधक संस्था अख्तियार दुरुपयोग अनुसंधान आयोग (सीआईएए) ने चीन की सहायता से बने पोखरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर पूर्व वित्त मंत्री ज्ञानेंद्र बहादुर कार्की समेत 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। विशेष अदालत में दायर इस चार्जशीट में निर्माण करने वाली चीनी कंपनी चाइना सीएएमसी इंजीनियरिंग को भी आरोपी बनाया गया है।
आयोग के अनुसार, एयरपोर्ट निर्माण के दौरान मूल समझौते का उल्लंघन कर चीनी ठेकेदार को अवैध रूप से टैक्स छूट दी गई। इस मामले में कुल 3.62 अरब नेपाली रुपये के नुकसान का दावा किया गया है। आरोपियों में पूर्व सचिव केवल भंडारी, महेश्वर न्यूपाने, सुरेश आचार्य और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के पूर्व महानिदेशक प्रदीप अधिकारी व संजीव गौतम शामिल हैं। गौरतलब है कि पोखरा एयरपोर्ट को मशहूर अन्नपूर्णा सर्किट का प्रवेश द्वार माना जाता है।
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