पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में रविवार को शांति रैली के दौरान हुए विस्फोट में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, यह धमाका स्वात जिले के कबाल कस्बे में उस समय हुआ, जब स्वात पीस रैली चल रही थी। रैली में शामिल लोग क्षेत्र में शांति बहाल करने की मांग कर रहे थे और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की अपील कर रहे थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आत्मघाती हमला हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस धमाके के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। वहीं, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।
अफगानिस्तान की सीमा पर हथियार तस्करी की कोशिश नाकाम
अफगान सुरक्षा बलों ने पूर्वी नंगरहार प्रांत में हथियार तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया है और अलग-अलग तरह की 24 असॉल्ट राइफलें बरामद की हैं। प्रांतीय सरकार ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि ये हथियार पड़ोसी मुल्क से चोरी-छिपे लाए जा रहे थे। सुरक्षा कर्मियों ने तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग पर इसकी बरामदगी की।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने सुरक्षा बलों के हवाले से बताया कि हथियार एक गाड़ी के अंदर छिपाए गए थे। अधिकारियों ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि इस घटना के सिलसिले में किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया गया या नहीं। यह ऑपरेशन अफगान सरकार के उस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत सुरक्षा बल आम लोगों के पास किसी भी तरह के गोला-बारूद की मौजूदगी पर नकेल कसते हैं और बॉर्डर इलाकों के जरिए हथियारों की तस्करी को रोकते हैं।
पहली बार नहीं है कि अफगान बॉर्डर पर इस तरह की बरामदगी हुई हो। इससे पहले 29 जुलाई को, पुलिस ने अफगानिस्तान के पूर्वी लगमान प्रांत में गैर-कानूनी तरीके से हथियार रखने के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया था और उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किए थे।
प्रांतीय पुलिस के प्रवक्ता मोहम्मद यूनुस यूसुफजई ने इस बारे में पूरी जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि दोनों लोगों को दौलत शाह जिले में गिरफ्तार किया गया और उनके पास से पांच कलाश्निकोव असॉल्ट राइफल, तीन हैंड ग्रेनेड और सैकड़ों गोलियां और प्रोजेक्टाइल समेत काफी हथियार मिले। उन्होंने कहा था कि पुलिस किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने और इलाके में बिना इजाजत हथियार रखने या ले जाने की अनुमति नहीं देती। इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है।
जापान में घटी मूल जापानी नागरिकों की संख्या
जापान में रहने वाले मूल जापानी नागरिकों की संख्या 42 वर्षों में पहली बार 12 करोड़ से नीचे आ गई है। देश लगातार घटती जन्मदर, तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी और श्रमिकों की कमी जैसी गंभीर जनसांख्यिकीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। वहीं, विदेशी नागरिकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जो अर्थव्यवस्था की श्रम जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। जापान टाइम्स के अनुसार, जापान के आंतरिक मामलों और संचार मंत्रालय के ताजा आंकड़ों में बताया गया है कि एक जनवरी 2026 तक देश में रहने वाले मूल जापानी नागरिकों की आबादी घटकर 11.974 करोड़ रह गई। यह पिछले वर्ष की तुलना में 0.76 प्रतिशत कम है और 1984 के बाद पहली बार यह संख्या 12 करोड़ से नीचे पहुंची है। वर्ष 2009 में आबादी के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद से जापानी नागरिकों की संख्या लगातार 17 वर्षों से घट रही है।