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Updates: ब्रिटेन से कोकीन तस्करी के मामले में भारतीय मूल की दंपती को 33 साल की जेल, 601 करोड़ के ड्रग्स पकड़े

Tue, 30 Jan 2024 01:29 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

भारतीय दंपती ने ऑस्ट्रेलिया में कोकीन तस्करी करने और मनी लॉन्ड्रिंग से इनकार कर दिया है। सोमवार को साउथवार्क क्राउन कोर्ट के जूरी ने निर्यात के 12 मामले और मनी लॉन्ड्रिंग के 18 मामलों में दोषी ठहराया है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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ब्रिटेन में एक भारतीय मूल के दंपती पर आधा टन कोकीन ऑस्ट्रेलिया पहुंचाने का दोषी करार दिया गया है। दंपति की पहचान 59 वर्षीय आरती धीर और 35 वर्षीय कवलजीत सिंह रायजादा के तौर पर की गई है। मई 2021 में सिडनी एयरपोर्ट पर ऑस्ट्रेलियाई सीमा बल ने उनके पास से 57 मिलियन पाउंड करीब 601 करोड़ की कोकीन बरामद की थी। 
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कोकीन निर्यात करने और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दोषी
हालांकि, दंपती ने ऑस्ट्रेलिया में कोकीन की तस्करी करने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से इनकार कर दिया है। सोमवार को साउथवार्क क्राउन कोर्ट के जूरी ने तस्करी के 12 मामले और मनी लॉन्ड्रिंग के 18 मामलों में उन्हें दोषी ठहराया है। दोनों को 33 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। 

ड्रग्स को वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए ब्रिटेन से ले जाया गया था, इसमें छह धातु टूलबॉक्स भी शामिल थे। इसे जब खोला गया, तब उसमें से 514 किलो कोकीन मिला। ऑस्ट्रेलिया में बेचे जाने पर इसकी कीमत 601 करोड़ से भी अधिक होती। ब्रिटेन में एक किलो कोकीन की कीमत 26,000 पाउंड है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में इसकी कीमत 110,000 पाउंड है। 
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जांच के दौरान पाया गया कि दंपति ने वीफ्राई फ्रेट सर्विसेस नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई थी, जिसका उद्देश्य नशीली दवाओं की तस्करी करना था। दंपति के आवास पर तलाशी के दौरान टूलबॉक्स मिला, जिसकी कीमत 2855 पाउंड थी। इस टूलबॉक्स में कवलजीत सिंह रायजादा के उंगलियों के निशान भी मिले। 

हत्या के मामले में भारतीय मूल का युवक गिरफ्तार
कनाडा के ब्राम्पटन शहर में भारतीय मूल के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। उस पर एक अन्य भारतीय मूल के युवक की हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने वीडियो फुटेज की जांच की थी। जिसके बाद से वह आरोपियों की तलाश कर रही थी।  
 
पुलिस के मुताबिक, घटना पिछले साल 19 दिसंबर को हुई थी। ओंटारियो प्रांत के ब्राम्पटन शहर में 18 वर्षीय निशान थिंड को गोली मार दी गई थी। जिसके बाद उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। निशान की मौत के बाद पुलिस के जासूसों ने 18 वर्षीय प्रीतपाल को गिरफ्तार किया। 

निर्वासित किया गया भारतीय युवक
वहीं, कनाडा के अल्बर्टा प्रांत से एक भारतीय व्यक्ति को भारत निर्वासित कर दिया गया है। उसे 2019 की दुर्घटना के मामले में दोषी ठहराया गया। घटना में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बिपिनजोत गिल 2016 में छात्र वीजा पर कनाडा आया था। 

बिपिनजोत 18 मई, 2019 को तेर रफ्तार से वाहन चला रहा था। इसी दौरान उसके वाहन ने लाल बत्ती पार कर ली। इससे दो महिलाओं उज्मा अफजल (31 वर्षीय) और उनकी मां बिलकिस बेगम (65 वर्षीय) की मौत हो गई थी और एक अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया था। बिपिनजोत पंजाब का रहने वाला है। 
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