राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली से मॉरीशस की राजकीय यात्रा पर रवाना हुईं। 12 मार्च को मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगी। इस दौरान वह मॉरीशस के राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन और प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनाथ के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेगीं। राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री जुगनाथ संयुक्त रूप से मॉरीशस के साथ भारत की जीवंत विकास साझेदारी की बढ़ती और बहुमुखी प्रकृति को प्रदर्शित करने वाली चौदह भारत सहायता प्राप्त परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
दक्षिण कोरिया में डॉक्टरों के लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया की शुरू
दक्षिण कोरियाई स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को लगभग 5,000 प्रशिक्षु डॉक्टरों के मेडिकल लाइसेंस को निलंबित करने के लिए पूर्व नोटिस भेजा, जिन्होंने काम पर लौटने के आदेश की अवहेलना की है और सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उप स्वास्थ्य मंत्री जून ब्यूंग-वांग ने कहा कि उसने पिछले सप्ताह 4,944 जूनियर डॉक्टरों को नोटिस भेजने का काम पूरा कर लिया है। नोटिस प्राप्त करने के बाद, डॉक्टरों को 25 मार्च तक दंडात्मक उपायों पर अपनी राय देनी होगी।
जून ब्यूंग-वांग ने कहा कि सरकार अपने सहयोगियों को धमकी देने वाले या अस्पतालों में उनकी वापसी में बाधा डालने वाले जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की कसम खा रही है, स्वास्थ्य मंत्रालय भी लौटने के इच्छुक चिकित्सकों के लिए मंगलवार को एक हॉटलाइन खोलेगा। जून ने कहा, "सरकार अस्पतालों में लौटने के इच्छुक प्रशिक्षु डॉक्टरों की मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।"
श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के सात मछुआरों को किया गिरफ्तार
श्रीलंकाई नौसेना ने 10 मार्च की सुबह अतिक्रमण के आरोप में सात भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया था। श्रीलंका के नेदुनथीवु नौसेना शिविर के पास 32 समुद्री मील की दूरी पर अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप के चलते श्रीलंकाई नौसेना ने कार्रवाई की। ये मछुआरे नौ मार्च को जेगथापट्टिनम बजरा बंदरगाह से रवाना हुए थे। इससे पहले फरवरी में श्रीलंकाई नौसेना द्वारा पकड़े गए छह मछुआरों को रिहा कर दिया गया था।
मछुआरों पर हमलों की घटनाओं को लेकर चिन्चित- स्टालिन
इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने क्षेत्र में राज्य के मछली पकड़ने वाले समुदाय के सदस्यों पर हमलों में बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने और मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने का आग्रह किया। यह मुद्दा आजीविका के अधिकार को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।