विश्व संस्कृति महोत्सव की मेजबानी को वाशिंगटन तैयार
वाशिंगटन डीसी 29 सितंबर से 1 अक्तूबर तक दुनिया के आकर्षण का केंद्र रहेगा क्योंकि प्रतिष्ठित नेशनल मॉल आर्ट ऑफ लिविंग के विश्व संस्कृति महोत्सव के चौथे संस्करण की मेजबानी करेगा। विविधता और एकता का यह उत्सव 100 से अधिक देशों और पांच लाख प्रतिभागियों को एकजुट करेगा। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर ‘एक विश्व परिवार’ के संदेश के अंतर्गत सीमाओं, धर्मों और नस्लों के विभाजन को समाप्त कर 180 देशों के लोगों को एकजुट करेंगे।
अमेरिकी राजधानी की प्रतिष्ठित पृष्ठभूमि में स्थापित कार्यक्रम का मंच ही अकेले एक फुटबॉल मैदान के आकार का है। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के 17,000 कलाकारों, कई राष्ट्राध्यक्षों और विचारकों की एक विशाल सभा भाग लेने जा रही है। इसमें पांच लाख लोगों के भाग लेने की उम्मीद है, जिससे यह अपने तरह का एक अभूतपूर्व वैश्विक समारोह बन जाएगा।
साझा युद्धाभ्यास को अलास्का रवाना हुई भारतीय सैन्य टुकड़ी
अमेरिकी सेना व आसियान देशों के साथ साझा सैन्याभ्यास में भाग लेने वाली भारतीय सेना की टुकड़ी सोमवार को नई दिल्ली से अलास्का के लिए रवाना हुई। ये युद्धाभ्यास का 19वां संस्करण है, जो 25 सितंबर से 8 अक्तूबर तक चलेगा। भारत की ओर से अभ्यास में 350 कर्मियों वाली मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की टुकड़ी भाग ले रही है, जबकि अमेरिका की ओर से ब्रिगेड कॉम्बैट टीम की 1-24 इन्फेंट्री बटालियन भाग लेगी। दोनों पक्ष संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के संचालन में अंतरसंचालनीयता बढ़ाएंगे।
चीन और नेपाल के बीच 12 समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
नेपाल और चीन के बीच व्यापार, सड़क संपर्क और सूचना प्रौद्योगिकी सहित क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए सोमवार को सात एमओयू समेत 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। बीजिंग में नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड और चीनी पीएम ली कियांग के बीच व्यापाक बातचीत के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच मौजूद घनिष्ठ और सौहार्दपूर्ण संबंधों पर संतोष जताया।
यूएनएचआरसी के 54 सत्र में भारत के गैर-सरकारी संगठनों ने लिया हिस्सा
भारत के गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 54 वें सत्र में भाग लिया, जिसमें दुनिया को महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता की दिशा में देश के प्रयासों के बारे में सूचित किया गया।
'इंटीग्रेशन ऑफ ए जेंडर पर्सपेक्टिव' पर संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक चर्चा के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता और भारत में स्थित महिलाओं के नेतृत्व वाले एनजीओ अक्षर फाउंडेशन की संस्थापक परमिता शर्मा ने कहा कि उनका मानना है कि गरीबी उन्मूलन और लैंगिक समानता के लक्ष्य साथ-साथ चलते हैं।' परमिता शर्मा ने कहा, 'मानवाधिकार परिषद और संयुक्त राष्ट्र के अन्य निकायों में और सरकार में महिलाओं के दृष्टिकोण के समान एकीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, हमें लड़कियों की शिक्षा पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।'
उन्होंने कहा कि अक्षर का गरीबी उन्मूलन का मॉडल स्कूल वंचित लड़कियों के बीच साक्षरता और रोजगार बढ़ाने के उपाय करता है, जो दो मुख्य कारक हैं जो वंचित समुदायों में लिंग भेदभाव में योगदान करते हैं।