पाकिस्तान-अफगानिस्तान में आईएस के प्रसार से चिंता : यूएन में अमेरिका
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि वह अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आतंकी गुट आईएसआईएस-के के साजिश रचने, हमले करने और भर्ती अभियान चलाने की क्षमताओं से चिंतित है। उसने कहा, आईएस और दुनिया भर के अन्य आतंकी समूहों का मुकाबला करना ट्रंप प्रशासन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमेरिका ने कहा, मध्य-एशिया में आईएस-के एक बड़ा वैश्विक खतरा पैदा कर रहे हैं। यूएन में अमेरिकी विशन में अंतरिम प्रभारी राजदूत डोरोथी शीया ने ‘आतंकी कृत्यों द्वारा अंतरराष्ट्रीय शांति-सुरक्षा के लिए खतरा’ विषय पर एक सत्र में यह टिप्पणी की। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद-रोधी कार्यालय के अवर महासचिव व्लादिमीर वोरोनकोव ने भी कहा कि आईएस-के अफगानिस्तान और उससे परे एक महत्वपूर्ण खतरा बना हुआ है।
ब्रिटेन की एक ट्रेन में यात्रा के दौरान एक भारतवंशी महिला को नस्लीय व्यवहार का सामना करना पड़ा। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि ब्रिटेन का एक शख्स, जो शराब के नशे में है, वह भारतवंशी महिला से कहता दिख रहा है कि इंग्लैंड ने पूरी दुनिया पर राज किया है और हमने भारत पर भी राज किया और फिर उसे वापस कर दिया। घटना को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
टेक्सास के एल पासो में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक परिवहन केंद्र में मंगलवार को आग लग गई, जिसमें पांच लोग घायल हो गए। अभी आग लगने की वजह का खुलासा नहीं हुआ है। एल पासो फायर डिपार्टमेंट के डिप्टी चीफ रॉबर्ट अरविजू ने बताया कि 100 से अधिक दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि अभी यह पता नही चल पाया है कि इमारत के अंदर कितने लोग थे। घटना की जांच की जा रही है।
ईरान और रूस के रिश्तों से बढ़ी सीरिया की चिंता
सीरिया के नए अंतरिम विदेश मंत्री असद अल-शिबानी ने बुधवार को कहा कि ईरान और रूस के साथ सीरिया के रिश्ते उनके देश के लिए एक खुला घाव बने हुए हैं, क्योंकि इन दोनों देशों ने लंबे गृहयुद्ध के दौरान राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थन किया था।
बता दें कि दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में हो रहे विश्व सरकारों के शिखर सम्मेलन में बोलते हुए, अल-शिबानी ने रूस और ईरान से कुछ "सकारात्मक" संकेतों को स्वीकार किया, लेकिन विस्तार से कुछ नहीं बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार पश्चिमी देशों के साथ रिश्तों को सुधारने और सीरिया पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की कोशिश कर रही है, ताकि देश लंबे और विनाशकारी गृहयुद्ध के बाद पुनर्निर्माण शुरू कर सके।
साथ ही अल-शिबानी ने यह भी कहा, "सीरिया ने दशकों की निरंकुशता के बाद अपनी स्वतंत्रता और गरिमा को फिर से हासिल कर लिया है। यह शांति और शांति निर्माण के एक नए दौर की शुरुआत है। इस शिखर सम्मेलन में अल-शिबानी की उपस्थिति और उनके भाषण को महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि यह सीरिया के विद्रोहियों द्वारा दिसंबर में असद को अपदस्थ करने के बाद सीरिया के नए दोस्त बनाने के प्रयासों को दर्शाता है।