गाजा युद्धविराम पर हुए मतदान से भारत की दूरी
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में गाजा के लिए तत्काल, बिना शर्त और स्थायी युद्धविराम की मांग वाले मसौदा प्रस्ताव पर मतदान से भारत ने दूरी बनाई है। महासभा में स्पेन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर मतदान हुआ। इसमें तत्काल, बिना शर्त तथा स्थायी युद्धविराम तथा हमास व अन्य समूहों द्वारा बंधक बनाए गए सभी लोगों की तत्काल तथा बिना शर्त रिहाई की मांग की गई। भारत समेत 19 देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया। इसके पक्ष में 149 मत पड़े जबकि 12 देशों ने विरोधी मत दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि यह प्रस्ताव गाजा में बिगड़ती मानवीय स्थिति की पृष्ठभूमि में लाया गया है। भारत गहराते मानवीय संकट से चिंतित है और नागरिकों की मौत की घटना की निंदा करता है। भारत हमेशा द्विराष्ट्र समाधान के पक्ष में हरीश ने कहा, भारत हमेशा शांति-मानवता के पक्ष में रहा है। भारत ने हमेशा इस्राइल-फलस्तीन मुद्दे के लिए बातचीत से द्विराष्ट्र समाधान का समर्थन किया है, ताकि एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य फलस्तीन राज्य की फिर से स्थापना हो सके।