संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता एजेंसियों ने आगाह किया है कि सूडान में पिछले 11 महीने से जारी बर्बर लड़ाई के कारण भूख संकट गहरा रहा है। इस वर्ष मई तक कुछ क्षेत्रों में खाद्य असुरक्षा हालात विनाशकारी स्तर तक पहुंच सकते हैं।
इनके बीच जंग जारी
जनरल अब्देल फत्तह अल बुरहान के नेतृत्व वाली सेना और मोहम्मद हमदान दगालो के समर्थन वाली अर्धसैनिक बल- रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) के बीच जंग चल रही है। पिछले साल अप्रैल से जारी लड़ाई में हजारों लोग मारे जा चुके हैं।
सबसे खराब मानवीय आपदाओं में से एक से गुजर रहा
मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) में संचालन के निदेशक एडेम वोसोर्नू ने बुधवार को कहा कि हिंसक टकराव का एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। सूडान सबसे खराब मानवीय आपदाओं में से एक से गुजर रहा है।
1.8 करोड़ लोग खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे
सूडान की सशस्त्र सेना और अर्द्धसैनिक त्वरित सुरक्षा बल (आरएसफ़) के बीच पिछले वर्ष अप्रैल महीने में शुरू हुए युद्ध में 1.8 करोड़ लोग, यानि सूडानी आबादी का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा अचानक खाद्य असुरक्षा से जूझ रहा है। इनमें से अधिकांश दारफूर, कोर्दोफान क्षेत्र और खारतूम व अल जजीराह प्रान्तों में हैं।
यूएन खाद्य एवं कृषि संगठन के उपमहानिदेशक मॉरिजियो मार्टिना ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी प्रान्तों में टकराव का दायरा फैल रहा है, जोकि अनाज उत्पादन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यहां कुल गेहूं उत्पादन की 50 फीसदी उपज होती है। पिछले सप्ताह FAO की एक रिपोर्ट जारी हुई थी जिसके अनुसार अन्न के उत्पादन में 2023 में 46 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
33 लाख टन अन्न के आयात की जरूरत
उपमहानिदेशक मार्टिना ने बताया कि 2024 में 33 लाख टन अन्न के आयात की जरूरत होने का अनुमान है और इन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सूडान की वित्तीय व संचालन क्षमता के प्रति चिंता बढ़ी है। सूडान को अंतरराष्ट्रीय असावधानी और निष्क्रियता की आड़ में मानवीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सूडान की आबादी की हताशा का वर्णन करते हुए कहा कि अगर सीधे शब्दों में कहें तो हम सूडान के लोगों को तोड़ रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, संघर्ष के कारण 80 लाख से अधिक लोगों का विस्थापन हुआ है।
सूडान में मानवीय सहायता जरूरतमंद आबादी के लिए एक जीवनरेखा है, मगर मानवतावादी संगठनों को हिंसा प्रभावित आबादी तक पहुंचने में अवरोधों से जूझना पड़ रहा है। इस महीने, सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव जारी किया था जिसमें सूडान में पूर्ण व निर्बाध मानवीय सहायता मार्ग मुहैया कराए जाने की अपील की गई है, मगर यूएन एजेंसी अधिकारी का कहना है कि फिलहाल जमीन पर कोई खास प्रगति नहीं हुई है।
सात लाख सूडानी बच्चों को गंभीर कुपोषण
यूएन खाद्य कार्यक्रम के कार्यकारी उपनिदेशक कार्ल स्काउ ने सूडान में भूख संकट को क्षेत्रीय नज़रिये से वृहद परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि दक्षिण सूडान में 70 लाख लोग, चाड में 30 लाख लोग भी अचानक खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। विशेष रूप से 1.8 करोड़ से अधिक लोग खाद्य असुरक्षा से गुजर रहे हैं। जबकि 7,30,000 सूडानी बच्चों को गंभीर कुपोषण से पीड़ित माना गया है।