फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओमिक्रॉन का खतरा: अभी सबक नहीं लिया, तो ब्रिटेन की तरह पड़ेगा पछताना

Mon, 20 Dec 2021 01:45 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

डेनमार्क में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के साथ अब नए प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा रहा है। कई देशों ने यात्रा संबंधी प्रतिबंध पहले ही लागू कर दिए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है- ‘ओमिक्रॉन जिस तेजी से फैल रहा है, उतना इसके पहले कोरोना वायरस का कोई वैरिएंट नहीं फैला था...
विज्ञापन
ओमिक्रॉन वैरिएंट - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन, और डेनमार्क तीन ऐसे देश हैं, जहां कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण तेजी से फैला है। अमेरिका के भी कुछ शहरों में इसका संक्रमण तेजी से फैला है। खबर है कि वहां कम से कम 40 राज्यों में ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज पाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट की पहचान हुए अभी एक महीना नहीं गुजरा है, जबकि यह लगभग 80 देशों में पहुंच चुका है।

विज्ञापन


दक्षिण अफ्रीका के अनुसंधानकर्ताओं ने शुरुआती डाटा के आधार पर कहा है कि ओमिक्रॉन संक्रमण से हलके लक्षण उभरते हैं। लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि पहले जो वैक्सीन लगाई गई थीं, उनसे इस वैरिएंट से कितना बचाव होता है। वैसे कुछ विशेषज्ञों ने कहा है कि हल्के लक्षण के मामले में अभी जो संकेत हैं, वे अंतिम नहीं हैं। अभी इस बारे में पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

नए प्रतिबंध लगाने पर विचार

डेनमार्क में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के साथ अब नए प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा रहा है। कई देशों ने यात्रा संबंधी प्रतिबंध पहले ही लागू कर दिए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है- ‘ओमिक्रॉन जिस तेजी से फैल रहा है, उतना इसके पहले कोरोना वायरस का कोई वैरिएंट नहीं फैला था। हालांकि मंगलवार तक 77 देशों में इससे संक्रमित मरीज पहचाने गए थे, लेकिन संभवतया यह वैरिएंट ज्यादातर देशों में पहुंच चुका है, भले कई देशों में इसकी पहचान ना हुई हो।’ विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि लोग ओमिक्रॉन के लक्षणों को हलका समझ कर निश्चिंत ना रहें।

ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथम्पटन में वरिष्ठ रिसर्च फेलॉ माइकल हीड ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से कहा- ‘मेरा अनुमान है कि ओमिक्रॉन जल्द ही सभी जगहों पर पहुंच जाएगा। जिन देशों में इसकी पहचान नहीं हुई है, संभव है कि वहां भी इस वैरिएंट से पीड़ित बहुत से मामले हों। बहुत से देशों में टेस्टिंग क्षमता की कमी है।’

बचाव का उपाय वैक्सीन नहीं, बल्कि मास्क

विशेषज्ञों ने सभी देशों को अपने टेस्टिंग क्षमता और टेस्ट की संख्या बढ़ाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि सभी देशों को ऐसे उपाय तुरंत करने चाहिए, जिससे एयरबोर्न (हवा में फैलने वाले) वायरसों के संक्रमण को सीमित किया जा सके। सोशल डिस्टेंसिंग और घरों में वेंटिलेशन ऐसे उपाय हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ये उपाय दवाओं से अधिक कारगर होंगे।

विज्ञापन


डब्ल्यूएचओ ने कहा है- ‘ओमिक्रॉन से बचाव का सबसे कारगर उपाय अभी वैक्सीन नहीं, बल्कि मास्क हैं। सोशल डिस्टेंसिंग, वेंटिलेशन, और स्वस्थ माहौल फिलहाल अधिक कारगर हैं। इन सब का लगातार पालन किया जाना चाहिए।’

विशेषज्ञों का कहना है कि दुनियाभर के देशों को ब्रिटेन या डेनमार्क से सबक लेनी चाहिए। इन देशों ने अपने यहां बचाव के उपाय लागू करने में देर की। नतीजा है कि वहां महामारी फिर से विकराल रूप ग्रहण कर चुकी है। शुक्रवार को ब्रिटेन में नए संक्रमण के 93 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। ये वैरिएंट सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। वहां ये पहले ही कहर ढा चुका है। बीते कुछ दिनों से दक्षिण अफ्रीका सरकार ने अपने यहां बचाव के सख्त नियम लागू किए हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें