दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन, और डेनमार्क तीन ऐसे देश हैं, जहां कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण तेजी से फैला है। अमेरिका के भी कुछ शहरों में इसका संक्रमण तेजी से फैला है। खबर है कि वहां कम से कम 40 राज्यों में ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज पाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट की पहचान हुए अभी एक महीना नहीं गुजरा है, जबकि यह लगभग 80 देशों में पहुंच चुका है।
डेनमार्क में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के साथ अब नए प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा रहा है। कई देशों ने यात्रा संबंधी प्रतिबंध पहले ही लागू कर दिए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है- ‘ओमिक्रॉन जिस तेजी से फैल रहा है, उतना इसके पहले कोरोना वायरस का कोई वैरिएंट नहीं फैला था। हालांकि मंगलवार तक 77 देशों में इससे संक्रमित मरीज पहचाने गए थे, लेकिन संभवतया यह वैरिएंट ज्यादातर देशों में पहुंच चुका है, भले कई देशों में इसकी पहचान ना हुई हो।’ विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि लोग ओमिक्रॉन के लक्षणों को हलका समझ कर निश्चिंत ना रहें।
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथम्पटन में वरिष्ठ रिसर्च फेलॉ माइकल हीड ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से कहा- ‘मेरा अनुमान है कि ओमिक्रॉन जल्द ही सभी जगहों पर पहुंच जाएगा। जिन देशों में इसकी पहचान नहीं हुई है, संभव है कि वहां भी इस वैरिएंट से पीड़ित बहुत से मामले हों। बहुत से देशों में टेस्टिंग क्षमता की कमी है।’
विशेषज्ञों ने सभी देशों को अपने टेस्टिंग क्षमता और टेस्ट की संख्या बढ़ाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि सभी देशों को ऐसे उपाय तुरंत करने चाहिए, जिससे एयरबोर्न (हवा में फैलने वाले) वायरसों के संक्रमण को सीमित किया जा सके। सोशल डिस्टेंसिंग और घरों में वेंटिलेशन ऐसे उपाय हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ये उपाय दवाओं से अधिक कारगर होंगे।