विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक तेदरस एदमन गिब्रेसस का कहना है कि बहुत से देशों द्वारा लागू किया गया लॉकडाउन कोविड-19 से लड़ने के लिए काफी नहीं है। बुधवार को उन्होंने कहा कि केवल ऐसा करना दुनिया से कोरोना वायरस की महामारी को मिटाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
तेदरस ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'कोविड-19 के प्रसार को धीमा करने के लिए, कई देशों ने लॉकडाउन जैसे उपाय किए हैं। लेकिन अपने दम पर, ये उपाय महामारी को रोकने के लिए काफी नहीं हैं। हम सभी देशों का आह्वान करते हैं कि इस समय का उपयोग कर नोवल कोरोना वायरस पर हमला करें। आपको इसके लिए दूसरे उपाय भी सोचने होंगे।'
उन्होंने लोगों से घर पर रहने और जनसंख्या की गतिविधि को बंद करने से स्वास्थ्य प्रणालियों पर दबाव कम करने को कहा। मगर अपने दम पर ये उपाय वायरस से निपटने के लिए काफी नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा, 'हम उन सभी देशों का आह्वान करते हैं जिन्होंने तथाकथित लॉकडाउन उपायों किए हैं, वह इस समय का उपयोग वायरस पर हमला करने के लिए करें। आपको दूसरे उपाय ढूंढने होंगे। सवाल यह उठता है कि आप कैसे इसका इस्तेमाल करेंगे?'
परीक्षण और उपचार के उपायों को मजबूत करते हुए तेदरस ने कहा, 'आक्रामक सामाजिक और आर्थिक प्रतिबंधों से बाहर निकलने, अलग करने, परीक्षण करने, उपचार करने और ट्रेस करने के लिए न केवल सबसे अच्छे और सबसे तेज तरीके हैं बल्कि यह खुद को बचाने का भी बेहतर तरीका है।'
दुनियाभर में नोवल कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 4,14,179 हो गई है और 18,440 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यह जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी दैनिक कोरोना वायरस की (कोविड-19) स्थिति रिपोर्ट में कही।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अगले 21 दिनों तक संपूर्ण देशबंदी (लॉकडाउन) की घोषणा की है। जिससे कि इस वायरस के प्रसार को रोका जा सके। भारत पहले ही अपनी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को बंद कर चुका है। इससे पहले चीन, इटली जैसे देश खुद को लॉकडाउन कर चुके हैं।