भारत सहित विकासशील देशों में करीब 80 करोड़ नौकरियां कम होने का जोखिम बढ़ रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अनिश्चितताओं के बीच विश्व बैंक ने दुनिया में एक बड़े रोजगार संकट की चेतावनी दी है। विश्व बैंक प्रमुख अजय बंगा ने कहा कि 1.2 अरब लोग कार्यबल का हिस्सा होंगे, लेकिन मौजूदा रफ्तार से केवल 40 करोड़ नौकरियां ही पैदा होंगी। ये वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।
युद्ध लंबा खिंचा तो बढ़ेगा संकट
बंगा ने कहा, युद्ध लंबा चला तो बेरोजगारी बढ़ने का खतरा भी बढ़ता जाएगा। ऐसे में सरकारों और नीति-निर्माताओं को एक साथ कई चुनौतियों से निपटना होगा। युद्ध संकट और दीर्घकालिक विकास दोनों पर फोकस जरूरी है। उन्होंने रोजगार बढ़ाने के लिए विकासशील देशों में नीतिगत सुधारों पर जोर दिया। इसमें कारोबार शुरू करने में आसानी, श्रम कानूनों में सुधार, पारदर्शिता, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और बेहतर व्यापार व्यवस्था जैसे कदम शामिल हैं। एजेंसी
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, 2025 तक दुनिया भर में 11.7 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। यदि रोजगार के पर्याप्त मौके नहीं मिले तो अवैध प्रवासन जैसी समस्याएं और बढ़ सकती हैं। बुनियादी ढांचा, कृषि, पर्यटन और विनिर्माण में निवेश बढ़ाकर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।