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विश्व बैंक की चेतावनी: 2021 तक गरीबी रेखा से नीचे चले जाएंगे 15 करोड़ लोग

Thu, 08 Oct 2020 02:57 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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world bank - फोटो : अमर उजाला
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दुनिया भर में कोरोना के तेजी से बढ़ने के कारण अगले वर्ष 2021 तक तकरीबन 15 करोड़ लोग गरीबी की कगार पर खड़े होंगे। दुनिया की सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के ऊपर संकट के बादल मंडरा रहे हैं और अभी तक कोई वैक्सीन भी नहीं आ सकी है। कोरोना से उपजे हालातों को देखते हुए बीच विश्व बैंक ने अपनी चिंता जाहिर की है।

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विश्व बैंक ने चेतावनी दी है कि अगले वर्ष तक कोरोना के कारण कम से कम 15 करोड़ लोग गरीबी रेखा से भी निचली श्रेणी में चले जाएंगे। विश्व बैंक ने बुधवार को कहा, 2021 तक कोरोना महामारी के कारण लगभग 15 करोड़ लोगों पर गरीबी की गाज गिरने की संभावना है।


वाशिंगटन स्थित विश्व बैंक के अनुसार, कोरोना ने इस वर्ष की आर्थिक वृद्धि की गंभीरता को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है। विश्व बैंक ने कहा है कि 2021 तक 8.8 करोड़ से 11.5 करोड़ लोगों को अतिरिक्त गरीबी का सामना करना पड़ सकता। रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यम आय वाले देशों में महत्वपूर्ण संख्या में लोग अत्यधिक गरीबी रेखा से नीचे खिसक जाएंगे।
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विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष डेविड मालपास ने कहा है कि महामारी और वैश्विक मंदी दुनिया की आबादी का 1.4 प्रतिशत से अधिक गरीबी में गिरने का कारण हो सकता है।

उन्होंने कहा कि विकास की प्रगति और गरीबी में कमी के लिए इस गंभीर झटके को उलटने के लिए, पूंजी, श्रम, कौशल और नवाचार को नए व्यवसायों और क्षेत्रों में कदम रखने की अनुमति देकर देशों को एक अलग अर्थव्यवस्था के बाद कोविड की तैयारी करनी होगी। इससे पहले मालपास ने कहा था कि कोरोना के कारण विकासशील देशों में बच्चों की मृत्यु दर में खासा इजाफा हो सकता है।

विश्व बैंक ने कोरोना को रोकने के धारावी मॉडल को सराहा
 विश्व बैंक ने मुंबई के धारावी में रह रहे लोगों के कोरोना पर काबू पाने के प्रयासों की प्रशंसा की है। विश्व बैंक ने धारावी के कोरोना मॉडल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता समस्या के अनुरूप समाधान निकालने, सामुदायिक स्तर पर सहभागिता और दृढ़ता के कारण मिली है।

भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में स्थित धारावी, विश्व के सबसे बड़ी झुग्गी-झोपड़ी इलाकों में से एक है। यह ढाई वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और यहां करीब साढ़े छह लाख लोग रहते हैं।

विश्व बैंक ने अपनी द्विवार्षिक ‘गरीबी एवं साझा समृद्धि रिपोर्ट’ में कहा है कि मई में संक्रमण के मामले सर्वाधिक थे जिनकी संख्या तीन महीने बाद जुलाई में बीस प्रतिशत तक घट गई। विश्व बैंक ने कहा कि समस्या के अनुरूप समाधान निकालने, सामुदायिक स्तर पर लोगों को शामिल करने और दृढ़ता के कारण धारावी में कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने में सफलता मिली।

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