चीन स्थित दुनिया की सबसे बड़ी एपल आईफोन फैक्ट्री (Apple iPhone factory) में कोरोना तालाबंदी और वेतन विवाद को लेकर कर्मचारियों के उग्र विरोध प्रदर्शन की खबर है। इसे लेकर कई वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। सुरक्षाबलों के साथ संघर्ष में कई श्रमिकों के घायल होने की बात कही जा रही है।
सैकड़ों कर्मचारियों का फैक्ट्री के सुरक्षा कर्मियों के साथ संघर्ष हुआ। कोरोना के चलते करीब एक माह से फैक्ट्री में कठोर पाबंदियों व वेतन को लेकर विवाद के कारण श्रमिकों के भड़क उठने की खबर है। चीन के झेंगझोऊ (Zhengzhou) स्थित एपल संयंत्र में अक्तूबर से तनाव देखा जा रहा था। कोरोना पाबंदियों के चलते तालाबंदी शुरू होने से श्रमिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा था। आईफोन सिटी में 2,00,000 से अधिक श्रमिकों में से कई को आइसोलेट किया जा चुका था। उन्हें भोजन व दवाओं की मुश्किल हो रही थी।
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार फॉक्सकॉन प्लांट के कर्मचारी फैक्ट्री से बाहर निकल आए। इसके बाद उनकी सुरक्षा कर्मियों से झड़प हुई। एक अन्य वीडियो में गार्ड जमीन पर लेटे एक श्रमिक को लाठियों से पीटते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान लड़ो, लड़ो के नारे गूंजते हैं। श्रमिकों की भीड़ बैरिकेड्स लांघते हुए प्रदर्शन करते नजर आए। पुलिस के साथ भी श्रमिकों की तकरार हुई।
एक श्रमिक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वेतन भुगतान नहीं होने और कोरोना संक्रमण फैलने की आशंकाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। एक वीडियो में उग्र श्रमिक एक प्रबंधक को घेरे हुए नजर आए। एक श्रमिक ने कहा कि सभी श्रमिकों के कोविड पॉजिटिव होने का खतरा है। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि आप हमें मौत के मुंह में भेज रहे हैं।
सुरक्षा कर्मियों के साथ झड़प में कई श्रमिक घायल हुए हैं। शांति बहाल करने के लिए बुधवार को दंगा-रोधी पुलिस भी मौके पर पहुंची। फॉक्सकॉन ने इस घटना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
सख्त प्रतिबंध व संविदा विवाद में एपल के कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन
चीन में एपल आईफोन के दुनिया के सबसे बड़े कारखाने में कर्मचारियों को कोरोना वायरस के कारण लागू प्रतिबंधों के बीच संविदा संबंधी विवाद के चलते पीटा गया और हिरासत में रखा गया। सोशल मीडिया पर झेंग्झाऊ में फिल्माए गए कुछ वीडियो बुधवार को पोस्ट किए गए, जिनमें हजारों लोग प्लास्टिक ढाल के साथ सफेद रक्षात्मक सूट में पुलिस का सामना करते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद कर्मचारियों ने सरकारी नीतियों के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर भी कार्रवाई की।
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक शख्स के सिर में डंडे से हमला किया गया जबकि दूसरे को उसकी पीठ के पीछे हाथ बांधकर ले जाते दिखाया गया है। अन्य वीडियो में प्रदर्शनकारियों को पुलिस की तरफ से आग बुझाने वाले उपकरणों से छिड़काव करते दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में कहा गया कि ये लोग संविदा के उल्लंघन का विरोध कर रहे थे। कंपनी ‘फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप’ के संचालक ने कहा कि कर्मचारी अपने कार्यस्थल में रह रहे थे और उनका बाहर की दुनिया से कोई संपर्क नहीं था। एजेंसी
एपल इंक ने पहले चेतावनी दी थी कि झेंग्झाऊ कारखाने पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण नए आईफोन-14 मॉडल बाजार में देरी से उपलब्ध होंगे। सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया है।
चीन सरकार ने कहा कि पिछले तीन सप्ताहों में देश के भीतर 2.53 लाख से ज्यादा कोरोना वायरस के मामले पाए गए हैं। सरकार के मुताबिक संक्रमण का दैनिक औसत भी बढ़ा है।