अफ्रीका के कांगो में एम23 विद्रोहियों का कहर जारी है। सामूहिक हत्याएं, दुष्कर्म और जबरन विस्थापन जैसी बड़ी घटनाओं को लगातार अंजाम दे रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अप्रैल में विद्रोहियों ने रुबाया के एक बाजार में छह बच्चों की लकड़ी के मूसल और कोल्हू से उनके सिर कुचल कर हत्या कर दी थी।
32 साल की महिला का दुष्कर्म
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 32 साल की एक महिला ने भागने से पहले खुद बच्चों की क्रूरतापूर्वक हत्या होते हुए देखी।उन्होंने बताया कि उन्हें और उनके साथियों को भी पकड़ लिया था। बाद में उनका और उनकी एक दोस्त का दुष्कर्म किया। जबकि एक की हत्या कर दी।
23 मार्च मूवमेंट के रूप में प्रसिद्ध M23
एम23 विद्रोही को 23 मार्च मूवमेंट के रूप में भी जाना जाता है। यह कांगो के पूर्वी क्षेत्रों में एक सक्रिय विद्रोही समूह है। समूह कई मानवाधिकारों के हनन, युद्ध अपराधों और अत्याचारों के लिए जिम्मेदार रहा है। विद्रोही महिलाओं को जबरदस्ती वैश्यावृत्ति के काम में धकेलते हैं। इतना ही नहीं, लोगों पर दिन में हमला करना आम हो गया है। वहीं, गवाहों की हत्या कर देते हैं।
बेटी के सामने महिला के साथ बर्बरता
एक 25 साल की महिला ने बताया कि उसकी बेटी के सामने उसके साथ बंदूक की नोंक पर दुष्कर्म किया गया। बाद में उनके पति की भी हत्या कर दी गई थी। जबकि 27 साल की एक अन्य पीड़िता के साथ फसल की रखवाली के दौरान आठ लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था।
महिलाओं पर बेरहमी से हमला किया जाता है। वहीं, बचे हुए लोगों के साथ उनके बच्चों के सामने बंदूक की नोक पर दुष्कर्म किया जाता। मानवीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में यौन हिंसा अभूतपूर्व स्तर तक पहुंच गई है।
क्या है एम23 ?
एम23 सबसे पहले 10 साल पहले सामने आया था, जब उसके लड़ाकों ने कांगो के पूर्व में सबसे बड़े शहर गोमा पर कब्जा कर लिया था। समूह का नाम 23 मार्च, 2009 को हुए एक शांति समझौते की वजह से एम23 रखा गया। समझौते में विद्रोहियों को कांगो की सेना में शामिल करने की वकालत की गई थी। एम23 का आरोप है कि सरकार समझौते का पालन नहीं कर रही। उस पर लंबे समय से रवांडा के समर्थन के साथ काम करने का आरोप है। इसे रवांडा के हजारों सैनिकों का समर्थन हासिल है। संयुक्त राष्ट्र की खुफिया जानकारी के अनुसार, कांगोली सीमा के भीतर रवांडा रक्षा बल (RDF) के सैनिकों की उपस्थिति है और अनुमान है कि इसमें 4,000 तक सैनिक शामिल हो सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2021 के आखिर में फिर से सक्रिय हुए एम23 ने नागरिकों की हत्या करना शुरू कर दिया और क्षेत्रों पर कब्जा करने लगा। एम23 लड़ाकों ने महिलाओं का उत्पीड़न और उनके साथ दुष्कर्म शुरू कर दिया।
हालांकि, रवांडा ने एम23 को समर्थन देने के आरोपों का खंडन करते हुए अपनी सैन्य उपस्थिति को सीमा पार से उत्पन्न खतरों के खिलाफ सुरक्षा के रूप में सही ठहराया। हालांकि, इस साल की शुरुआत में सुरक्षा परिषद को दिए गए एक संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट में कहा गया था कि रवांडा M23 के युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार था, जिसमें क्षेत्रीय जीत और अत्याचार शामिल थे।
साढ़े छह लाख से ज्यादा लोग ले चुके शरण
गोमा में, जो क्षेत्रीय राजधानी है और जो गंदे विस्थापन शिविरों से घिरी हुई है, 650,000 से अधिक लोग हिंसा से बचने के लिए शरण ले चुके हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, यौन हिंसा के रिकॉर्ड स्तर सामने आए हैं, जिसमें 2023 में अकेले 25,166 पीड़ितों का इलाज किया गया—यह संख्या 2024 के मध्य तक पहले ही पार कर चुकी है।
संघर्ष का प्रभाव केवल तात्कालिक अत्याचारों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि M23 नियंत्रित क्षेत्रों में कराधान प्रणालियां लागू कर रहा है और पारंपरिक प्राधिकरण संरचनाओं को बदल रहा है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह कांगो के कुछ हिस्सों को कब्जे में लेने के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति का संकेत हो सकता है, जो रूस के क्रीमिया में अपनाए गए तरीकों से मेल खाती है।