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UAE: बराकाह परमाणु संयंत्र क्यों है इतना अहम? जिस पर हमले से पश्चिम एशिया में फिर शुरू हो सकता है युद्ध

Mon, 18 May 2026 09:38 AM IST
नितिन गौतम पीटीआई, दुबई

सार

संयुक्त अरब अमीरात के बराकाह परमाणु संयंत्र पर रविवार शाम हमला हुआ, जिससे पश्चिम एशिया का तनाव फिर बढ़ गया है। दरअसल यह परमाणु संयंत्र यूएई के लिए बेहद अहम है और यही वजह है कि इस पर हुए हमले से ईरान युद्ध फिर से शुरू होने का खतरा बढ़ गया है। 
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यूएई का बराकाह परमाणु प्लांट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संयुक्त अरब अमीरात के बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमले के बाद से पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ा हुआ है। आशंका है कि इस हमले के बाद फिर से युद्ध छिड़ सकता है। दरअसल अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है, लेकिन हमले का शक ईरान पर जताया जा रहा है। वहीं इस हमले के बाद से संयुक्त अरब अमीरात की सरकार बेहद खफा है। तो आइए जानते हैं कि ये परमाणु संयंत्र क्यों संयुक्त अरब अमीरात और पूरी खाड़ी दुनिया के लिए क्यों इतना अहम है।
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अरब दुनिया के लिए क्यों अहम है ये परमाणु संयंत्र?
  • मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूएई का बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र यूएई की बड़ी उपलब्धियों में से एक है और यह अरब दुनिया का पहला और एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र है।
  • करीब 20 अरब डॉलर की लागत से दक्षिण कोरिया की साझेदारी में बने इस संयंत्र ने 2021 में पूर्ण व्यावसायिक संचालन शुरू किया था। यह यूएई की कुल बिजली जरूरत का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा पूरा करता है।
  • बराकाह संयंत्र 2050 तक 'नेट जीरो' लक्ष्य हासिल करने की यूएई की रणनीति में भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
  • यूएई इस संयंत्र का संचालन अमेरिका की मदद से करता है। दोनों देशों के बीच ऐसा समझौता है जिसके तहत यूएई खुद यूरेनियम संवर्धन और पुनर्प्रसंस्करण क्षमता विकसित करने के बजाय परमाणु ईंधन आयात करता है।
  • इस परमाणु संयंत्र को लेकर कहा जाता है, 'बराकाह परियोजना को दुनिया के सामने सुरक्षित और शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के आदर्श मॉडल के तौर पर पेश किया जाता रहा है।'
हमले में संयंत्र के बिजली जेनरेटर को हुआ नुकसान
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परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है। हमले के चलते संयंत्र के परिसर की बाहरी सीमा पर आग लग गई थी और एक बिजली जनरेटर में आग लग गई थी। यूएई सरकार के अधिकारियों ने कहा है कि हमले के चलते संयंत्र से किसी तरह का रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ है और इससे जनता के लिए कोई खतरा नहीं है।

परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमले पर भारत ने जताई चिंता
भारत ने संयुक्त अरब अमीरात के बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले पर गहरी चिंता जताई और इसे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाने वाली खतरनाक घटना बताया। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ड्रोन हमले के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इस घटना के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका गहरा गई है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'यूएई के बराकाह परमाणु संयंत्र को निशाना बनाकर किए गए हमले को लेकर भारत गहरी चिंता व्यक्त करता है। ऐसी कार्रवाईयां अस्वीकार्य हैं और यह स्थिति को खतरनाक स्तर तक ले जाने वाला कदम है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद व कूटनीति के रास्ते पर लौटने की अपील करते हैं।'
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ईरान और यूएई के बीच तनाव बढ़ा हुआ है
पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से ही संयुक्त अरब अमीरात और खाड़ी के कई अन्य देश ईरान के निशाने पर हैं। ईरान कई बार यूएई पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर चुका है, जिससे यूएई में कई लोगों की मौत हुई है। हालांकि अभी तक संयुक्त अरब अमीरात ने संयम बरता है। हालांकि बीते दिनों इस्राइल और यूएई के बीच बातचीत की खबरें सामने आने के बाद से ईरान बेहद नाराज है और उन्होंने यूएई पर हमले की धमकी दी है। भारत में आयोजित हुए ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भी यूएई और ईरान के नेताओं के बीच बहस हुई। अब बराकाह परमाणु संयंत्र पर हमले ने दोनों देशों के बीच तनाव में आग में घी डालने का काम किया है। 
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