फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डब्ल्यूएचओ ने बढ़ाई चिंता: कहा- भारत में मिले डेल्टा वैरिएंट पर कोविड वैक्सीन कम असरदार

Tue, 22 Jun 2021 12:22 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

  • डेल्टा वैरिएंट में भी म्यूटेशन हुआ है इस कारण वायरस और ज्यादा संक्रामक हो चुका है। इसका नाम डेल्टा प्लस है। लेकिन रूस ने दावा किया कि स्पूतनिक-वी डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ ज्यादा असरदार है
विज्ञापन
कोरोना जांच करता स्वास्थ्य कर्मी - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना वायरस अब तक 40 लाख से ज्यादा लोगों की जानें ले चुका है। वैक्सीन के आने से दुनिया को काफी राहत मिली थी, लेकिन अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि भारत में मिले डेल्टा वैरिएंट पर कोरोना वायरस वैक्सीन कम असरदार पाई जा रही हैं। हालांकि एक राहत की बात यह है कि वैक्सीन से मौत का खतरा कम हो जाता है और गंभीर बीमारी से बचाती है।

विज्ञापन


विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि इसका कारण कई म्यूटेशन में हो रहे बदलावों को माना जा रहा है। यही कारण है वैक्सीन का असर कम हो सकता है। डेल्टा प्लस वैरिएंट भारत में पाए गए डेल्टा वैरिएंट में हुए म्यूटेशन की वजह से बना है। वायरस के हावी होने में सक्षम स्वरूपों को एक जैविक लाभ मिलता है जो है म्यूटेशन, जिसके जरिए ये स्वरूप लोगों के बीच बहुत ही आसानी से फैलते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी वायरस के इस नए स्वरूप को लेकर चिंता जाहिर की है। पूरी दुनिया में अब तक 29 मुल्कों में इस बदले हुए स्वरूप ने सबसे ज्यादा तबाही मचानी शुरू कर दी है। आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कोरोना के बदलते स्वरूप और उसके जीनोम को डिकोड करने के लिए लगातार देश के कई संस्थान दिन-रात शोध कर रहे हैं, अभी तक भारत में उन्हें कोरोना के इस बदले हुए स्वरूप के बारे में कोई भी केस नहीं मिला है। अपने देश में तबाही मचाने वाले डेल्टा वैरिएंट के भी कई स्वरूप सामने आए हैं, लेकिन दक्षिण-अमेरिका में वायरस के बदले स्वरूप लैम्ब्डा को लेकर और ज्यादा सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
विज्ञापन


टीके की दोनों खुराक जरूर लें
डेल्टा स्वरूप की बात करें तो, यह उन लोगों को संक्रमित कर सकता है जिन्हें कोविड-19 रोधी टीके की आधी खुराक मिली है और यही वजह है कि यह हावी हो रहा है। पब्लिक हैल्थ इंग्लैंड के मुताबिक जिन लोगों को फाइजर के टीके की दोनों खुराक मिल चुकी हैं उनका इससे बचाव 88 फीसदी तक हो सकता है लेकिन जिन्हें फाइजर या एस्ट्राजेनेका टीके की एक ही खुराक मिली है उनका केवल 33.5 तक ही बचाव हो सकेगा।





रूस का दावा उसकी वैक्सीन डेल्टा वेरियंट पर असरदार
कोरोना वायरस वैक्सीन सबसे पहले भारत में मिले डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ ज्यादा असरदार है। दावा किया गया है कि किसी भी दूसरी वैक्सीन के मुकाबले इस ज्यादा संक्रामक और घातक वैरिएंट के खिलाफ रूस की वैक्सीन ने सबसे ज्यादा असर दिखाया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें