विश्व स्वास्थ्य संगठन के अफ्रीका के क्षेत्रीय आपातकालीन निदेशक डॉ. सलाम गुए ने बताया कि हम निगरानी और संपर्क में आए लोगों की जांच में सहयोग करने के लिए विशेषज्ञों की टीम भेज रहे हैं।
दुनिया में कोरोना के नए वैरिएंट ने दहशत मचा रखी है। भारत में भी इसके मामले सामने आने लगे हैं। ओमिक्रॉन वैरिएंट के पाए जाने के बाद अब विश्व स्वास्थ्य संगठन भी हरकत में आ गया है। डब्ल्यूएचओ ने दक्षिण अफ्रीका के गौतेंग राज्य में विशेषज्ञों की एक टीम भी भेज दी है। दक्षिण अफ्रीका का यह राज्य कोरोना के नए वैरिएंट का हॉटस्पॉट माना जा रहा है। डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों की टीम यहां निगरानी के उपायों में तेजी लाने और वायरस के संपर्क में आए लोगों की पहचान करेगी।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के अफ्रीका के क्षेत्रीय आपातकालीन निदेशक डॉ. सलाम गुए ने बताया कि हम निगरानी और संपर्क में आए लोगों की जांच में सहयोग करने के लिए विशेषज्ञों की टीम भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी एक टीम दक्षिण अफ्रीका में पहले से ही जीनोमिक अनुक्रमण पर काम कर रही है। गौतेंग में पिछले एक सप्ताह में लगभग 80 फीसदी कोरोना के मामले पाए गए हैं। यहां गुरुवार को 11,500 नए कोरोना के मामले दर्ज किए गए हैं। इसके पहले यहां 8,500 मामलों में पाए गए थे।
वहीं, स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि देश में नवंबर के मध्य में यहां रोजाना कोरोना के नए मामले 300 से भी कम रिकॉर्ड किए जा रहे थे। नेशनल इंस्टीट्यूट फार कम्युनिकेबल डिजीज ने बताया कि अब हो रहीं जांचों में लगभग 75 फीसदी नमूनों में कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट पाया जा रहा है।